मातृ-शिशु अस्पताल में खूब गूंज रहीं किलकारियां - संस्थागत प्रसव में हुआ इजाफा, जनवरी में 395 बच्चों ने जन्म लिया

 मातृ-शिशु अस्पताल में खूब गूंज रहीं किलकारियां

- संस्थागत प्रसव में हुआ इजाफा, जनवरी में 395 बच्चों ने जन्म लिया



शिवहर, 19 फरवरी|

स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से अस्पतालों में संस्थागत प्रसव में इजाफा हुआ है। जनवरी में मातृ-शिशु अस्पताल में 395 बच्चों ने जन्म लिया है। वहीं दिसम्बर में भी यहां 500 से अधिक बच्चे जन्मे। इतना ही नहीं कोरोना काल में मातृ-शिशु अस्पताल में डेढ़ हजार बच्चों की किलकारियां गूंजी। पिछले मार्च से अबतक लगभग पांच हजार बच्चों ने इस अस्पताल में जन्म लिया है। सबसे बड़ी बात यह कि अधिकतर बच्चे सामान्य प्रसव से पैदा हुए हैं। एक-दो मरीज को ही दूसरे जगह रेफर किया गया। 

संस्थागत प्रसव में इजाफा हुआ

कोरोना काल में मार्च में 280, अप्रैल में 250, मई में 289, जून में 294, जुलाई में 336 व अगस्त में 453 प्रसव हुए। वहीं सितंबर में 488 और अक्टूबर में 450, नवंबर में 454 व दिसंबर में 512 महिलाओं का सफल व सुरक्षित प्रसव हुआ। अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर सह लेबर इंचार्ज अनुराधा कुमारी ने बताया कि मातृ-शिशु अस्पताल में प्रसव की तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं । 24 घंटे चिकित्सक और कर्मी ड्यूटी कर रहे हैं । स्वास्थ्य विभाग का संस्थागत प्रसव पर जोर  है। आशा द्वारा लगातार गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यही वजह है  कि इस अस्पताल में संस्थागत प्रसव की संख्या में इजाफा हुआ है। 


कोरोना की  विषम परिस्थिति में भी बच्चों की किलकारियां खूब गूंजी

कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन हो चुका था। ऐसे में प्रसव का विषय गंभीर मुद्दा था। लेकिन कोरोना की विषम परिस्थितियों में भी मातृ-शिशु अस्पताल में बच्चों की किलकारियां खूब गूंजी। मार्च से अगस्त तक 1902 बच्चों ने जन्म लिया। वहीं मार्च से दिसंबर तक 3359 बच्चों ने जन्म लिया। बताया कि कोरोना काल में सुरक्षित प्रसव कराना चुनौती था। लेकिन सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रसव कराया गया। इस दौरान किसी भी जच्चा-बच्चा में कोविड का संक्रमण नहीं पाया गया। यह एक बड़ी उपलब्धि रही।

सामान्य प्रसव की सारी सुविधाएं मौजूद 

अनुराधा कुमारी ने बताया कि यहां सामान्य प्रसव की सारी सुविधाएं मौजूद हैं। चौबीस घंटे एंबुलेंस, डॉक्टर व नर्स की मौजूदगी प्रसव की संख्या को गिरने नहीं देती है। इसके अलावा उन्हें दवाओं का भी मुफ्त में वितरण किया जाता है। जिसमें आयरन व कैल्सियम  की गोली दी जाती है। वहीं जन्म लिए बच्चों को तत्काल जन्म प्रमाण- पत्र निर्गत किया जाता है। यहां प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की भी व्यवस्था है। अस्पताल में ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की भी सुविधा है। ये सुविधाएं जन्म के समय किसी बच्चे की जान बचाने के लिए उपयोगी सिद्ध होती हैं।

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