साई मंदिर मिस्कॉट में आयोजित हुआ भागवत कथा ।
सिद्धान्त कुमार / मोतिहारी ।
जब जब धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुई परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की ! मथुरा के राजा कंस के अत्याचारों से व्यतीत को कर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रूप में देवी की अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया! मिसकॉट स्थित श्री साईं मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा महापुराण में आचार्य सुमन पांडे भरद्वाज ने प्रवचन के माध्यम से भक्तों को बताया भगवान के जन्म प्रसंग की कथा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है !जब भी हमें यह शुभ अवसर मिले इसका सदुपयोग करना चाहिए कथा सुनते हुए उसी के अनुसार कार्य करें तभी कथा सुनना सार्थक होगा! उसके बताए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करें! उन्होंने राम कथा का संक्षिप्त वर्णन करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम धरती को राक्षसों से मुक्त करने के लिए अवतार धारण किया !मंदिर परिसर में श्रद्धालु जन्मोत्सव बधाइयां पर झूमे नाचे और खुशियां मनाएं! इस अवसर पर देवराहा बाबा गुरुकुल आश्रम के सह सचिव राम भजन और अनिरुद्ध सेवा फाउंडेशन के अजय कुमार ने संत श्री को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया ।
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