जिला अपर समाहर्ता व अनुमंडलाधिकारी ने एईएस / जेई से बचाव के लिये स्वास्थ्य कर्मियों को दिए कई आवश्यक निर्देश - अनुमंडलाधिकारी ने साफ सफाई के साथ कोरोना प्रोटोकॉल के पालन का दिया विशेष निर्देश

 जिला अपर समाहर्ता व अनुमंडलाधिकारी ने एईएस / जेई से बचाव के लिये स्वास्थ्य कर्मियों को  दिए कई आवश्यक निर्देश 

- अनुमंडलाधिकारी ने साफ सफाई के साथ कोरोना प्रोटोकॉल के पालन का दिया विशेष निर्देश


 


मोतिहारी,16 अप्रैल।


एईएस/चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर पूर्वी चम्पारण के अपर समाहर्ता सुधीर कुमार  व पकड़ीदयाल के अनुमंडलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने पकड़ीदयाल अनुमंडलीय अस्पताल  का जायजा लेते हुए मस्तिष्क ज्वर रोग के नियंत्रण के लिए  तैयारियां आरम्भ कर दी है । अनुमंडलाधिकारी ने बताया  मस्तिष्क ज्वर एक महामारी के रूप में  मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण में साल के अप्रैल माह से जुलाई तक फैलता है । 95% केस इसी समय मिलते हैं  । इस रोग से 6 माह की उम्र से 15 वर्ष तक के बच्चे प्रभावित होते हैं । इससे बचने के लिए प्रखंडों में पूर्व से ही जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । जिसमें स्वास्थ्य कर्मियो  के साथ, आशा, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का काफी योगदान हो रहा है । साथ ही अनुमंडलाधिकारी ने सभी डॉक्टरों को  निर्देशित किया गया है कि अगर कोई भी अपने कार्य से अनुपस्थित पाए जाएंगे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।  उन्होंने निर्देश दिया कि आईसीडीएस, जीविका एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अलग-अलग एईएस के प्रति जागरूकता के लिए  चौपाल किया जाए । जिसका पर्यवेक्षण केयर के द्वारा किया जाएगा एवं प्रतिदिन अधिहस्ताक्षरी को रिपोर्ट समर्पित किया जाएगा।

आवश्यक दवा एवम उपकरण तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश :

 पकड़ीदयाल अनुमंडलीय अस्पताल में  ए ई एस  की  उपलब्ध दवाओं के अलावा बाकी अन्य दवाओं को अविलम्ब क्रय करने का आदेश दिया गया। उन्होंने बताया चमकी में बहुत तेज बुखार आता है । 30 मिनट में अगर बच्चे का इलाज शुरू नहीं किया गया तो उसे बचाना भी मुश्किल हो जाता है। ज्यादा देर होने पर पैरालाइसिस का भी अटैक हो सकता है । जिससे उसकी मृत्यु हो सकती है। इस बीमारी में मृत्यु दर भी बहुत ज्यादा होता है । जिनको रोकने के लिये बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने अभी से ही बचाव के लिए  अपनी तैयारियां जोर शोर से शुरू कर दी है ।  साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि एईएस के मरीज का उपचार अविलम्ब पीएचसी स्तर पे की जाय एवं मरीज को किसी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरन्त रेफर किया जाय । 


साफ सफाई के दिए निर्देश :

अनुमंडलाधिकारी ने निर्देश दिया कि  अस्पताल के प्रसव कक्ष , अस्पताल परिसर, ओटी की पूरी साफ सफाई की जाय ।

सर्वाधिक प्रभावित प्रखंडों पकड़ीदयाल , मेहसी, चकिया समेत कई  दलित/ महादलित बस्तियों में  विगत वर्षों में एईएस/ चमकी की अधिक समस्या देखी गयी है ।वहाँ जागरूकता अभियान लगातार चलाया जाए । मामले की तुरन्त सूचना दी जाए। अनुमंडलाधिकारी ने कहा  मुख्यमंत्री परिवहन योजना द्वारा चार- पांच गाड़ियां दी जा रही हैं। ताकि कोई भी बच्चा या बीमार छूट न पाए। उन्हें स्वास्थ्य केंद्र पर तुरंत पहुंचाया जा सके।  यह सुविधा भी उन स्थलों पर दी गई है जहाँ अधिक खतरा है । अगर किसी भी  मरीज के परिजन गाड़ी को प्राइवेट भाड़े कर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं तो उनके भाड़े की राशि उन्हें तुरंत मुहैया कराई जाए । मरीज के रहने खाने एवं ठहरने के लिए सरकारी अस्पताल द्वारा प्रबंध किए जाएं ।

 इस पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है।  उन्होंने कहा  आने वाले दिनों में नुक्कड़ नाटक ,पोस्टर, पंपलेट, बैनर, हैंडबिल , प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,रेडियो एफएम इत्यादि के माध्यम से गांव और टोला स्तर पर जागरूकता का अलख जगाया जाएगा। उन्होंने कहा  विभिन्न विभागों के परस्पर समन्वय से हम उम्मीद करते हैं कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी हम एईएस पर प्रभावी नियंत्रण करने में सक्षम हो सकें। 

मौके पर डीटीएल अभय कुमार,  जेडएलपीपी ऋचिका कुमारी ,  एएनएम मंजु कुमारी ,केयर के ब्लॉक मैनेजर सतीश कुमार सिंह , प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अवनीश कुमार, सेविका रंभा कुमारी , आशा मनीता कुमारी उपस्थित रहीं ।

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