नशे से युवाओं को बचने की जरूरत: सहायक निदेशक

नशे से युवाओं को बचने की जरूरत: सहायक निदेशक


-पूर्वी चंपारण को नशा मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है



मोतिहारी 26 जून 21 


जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पूर्वी चंपारण द्वारा अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में आज बुनियाद केन्द्र, सदर, मोतिहारी के सभा कक्ष में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पूर्वी चंपारण धीरज कुमार  ने बताया कि प्रति वर्ष 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनायी जाती है। यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस हमारे समाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। किसी प्रकार का नशा एक बुरी आदत है जिससे सबसे ज्यादा हमारे समाज में युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। युवाओं को इसके बचने की आवश्यकता है। नशीली दवाओं के सेवन से शरीर धीरे-धीरे खोखला होने लगता है और इसी वजह से कई बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। यह दिन युवाओं को सही मार्ग दिखाने का काम करती है।


नशा, एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तम्‍बाकू एवं ड्रग्‍स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हि‍स्सा नशे का शिकार हो रहा है। आज फुटपाथ और रेल्‍वे प्‍लेटफार्म पर रहने वाले बच्‍चे भी नशे की चपेट में आ चुके हैं।

 

लोग सोचते हैं कि वो बच्‍चें कैसे नशा कर सकते है जिनके पास खाने को भी पैसा नहीं होता। परंतु नशा करने के लिए सिर्फ मादक पदार्थो की ही जरुरत नहीं होती, बल्कि व्‍हाइटनर, नेल पॉलिश, पेट्रोल आदि की गंध, ब्रेड के साथ विक्स और झंडु बाम का सेवन करना, कुछ इस प्रकार के नशे भी किए जाते हैं, जो बेहद खतरनाक होते हैं। नशे की लत ने इंसान को उस स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब व्‍यक्‍ति मादक पदार्थों के सेवन के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, वह नशे के लिए जुर्म भी कर सकता है। नशे के मामले में महिलाएं भी पीछे नहीं है। महिलाओं द्वारा भी मादक पदार्थों का बहुत अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है। व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में तनाव, प्रेम संबंध, दांपत्य जीवन व तलाक आदि कारण, महिलाओं में नशे की बढ़ती लत के लिए जिम्मेदार है।

 

उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ 15-08-2020 से की गयी है। पूरे देश में कुल 272 जिला को इस अभियान में शामिल किया गया है। अभियान के सफल क्रियान्वयन एवं जन जागरूकता हेतु स्वयंसेवी कार्यकर्ता के माध्यम से समुदाय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों के साथ जागरूकता अभियान चलाकर पूर्वी चंपारण जिले को नशा मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त अभियान से जुड़कर पूर्वी चंपारण जिले को नशा मुक्त जिला, एक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शपथ दिलाया। 


उक्त कार्यशाला में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग/जिला बाल संरक्षण ईकाई / बुनियाद केन्द्र पूर्वी चंपारण मोतिहारी के सभी संबंधित कर्मी एवं सभी संबंधित स्वयंसेवी संस्था, बाल बालिका गृह के प्रभारी उपस्थित थे।

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