सिविल सर्जन की अध्यक्षता में दंपत्ति सम्पर्क पखवाड़ा पर जूम मीटिंग सम्पन्न

सिविल सर्जन की अध्यक्षता में दंपत्ति सम्पर्क पखवाड़ा पर जूम मीटिंग सम्पन्न


- 11 जुलाई से 31 जुलाई तक मनाया जाएगा जनसंख्या स्थिरता दिवस 

-  परिवार नियोजन के संसाधनों के बारे में महिलाओं को करें जागरूक

मोतिहारी, 30  जून। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन दंपति संपर्क पखवाड़ा  शुरू किया गया है। बुधवार  को जिला स्वास्थ्य समिति मोतिहारी में सिविल सर्जन डॉ अखिलेश्वर प्रसाद सिंह की  अध्यक्षता में ज़ूम एप  द्वारा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीसीएम, अनुश्रवण पदाधिकारी, डॉक्टर व केयर इंडिया के डीटीएल अभय कुमार भगत एवं उनकी सहयोगी टीम की तरफ से महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई । 

- ऐसे मनाया जायेगा पखवाड़ा:

सिविल सर्जन डॉ अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि 27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क पखवाड़ा चलेगा।  11 जुलाई से 31 जुलाई तक परिवार नियोजन सप्ताह मनाया जाएगा । इस दौरान आशा अपने-अपने कार्य क्षेत्र की आबादी में योग्य दंपति को चिह्नित  करेंगी। योग्य दंपति यानि जिनको परिवार नियोजन के बारे में परामर्श की आवश्यकता है। लक्षित दंपति को परिवार नियोजन  के बारे में बताया जायेगा। आवश्यकता पड़ने पर टेली काउंसिलिंग की भी मदद ली जाएगी। पखवाड़ा के दौरान प्रत्येक प्रखंड और गांव में मोबाइल पब्लिसिटी वैन से परिवार नियोजन का सन्देश जोर- शोर से प्रचारित और प्रसारित किया जाएगा। इस बार  डिजिटल प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप, एसएमएस आदि की पूरी मदद ली जाएगी। वहीँ विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का शुभारंभ जिले स्तर पर किसी जनप्रतिनिधि से कराये जाने की योजना है। साथ ही पात्र लाभार्थी को दो महीने के लिए गर्भनिरोधक गोली और कंडोम वितरित किये जाएंगे। इस दौरान अंतरा और आईयूसीडी को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हर इच्छुक लाभार्थी के लिए पुरुष या महिला नसबंदी की पूर्व पंजीकरण की भी सुविधा होगी।

परिवार नियोजन की जानकारियों का व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करना होगा-

जिला सामुदायिक उत्प्रेरक नन्दन झा ने पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने बताया कि बढ़ रही जनसंख्या का मुख्य कारण महिलाओं व परिवारों में परिवार नियोजन की जानकारी की कमी है । इस समस्या का एक मात्र निदान है जागरूकता । ग्रामीण क्षेत्रों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सेविका, सहायिकाओं द्वारा लोगों में परिवार नियोजन की जानकारियों का व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करना होगा तभी बढ़ती  जनसंख्या पर रोक सम्भव है । महिलाओं को परिवार नियोजन के संसाधनों यथा , कॉपर टी, कंडोम, गर्भ निरोधक गोलियां, सूई आदि की जानकारियों के साथ महिलाओं को अनचाहे गर्भावस्था से रोक के उपाय की जानकारी देने की आवश्यकता है।

 आंगनबाड़ी केंद्रों या मुख्य जगह पर जागरूकता बैठक होगी -

केयर इंडिया के डीटीएल अभय कुमार भगत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन की जानकारियां महिलाओं को हो इसके लिए प्रचार प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर 11 जुलाई को जनसंख्या नियोजन पखवाड़े का आगाज होगा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता और एएनएम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। परिवार नियोजन फायदे बताएंगी।उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों या मुख्य जगह पर जागरूकता बैठक होगी।

10 जुलाई से पहले प्रखंडों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा परिवार नियोजन पर जागरूकता अभियान-

जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण  पदाधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि 10 जुलाई से पहले जिले के विभिन्न 27 प्रखंडों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा परिवार नियोजन पर जागरूकता अभियान चलाया जाना है। प्रखंडों में सेविका ,सहायिका, जीविका दीदियों के मदद से गांवों में मेला का आयोजन कर परिवार नियोजन की जानकारी देना है।

परिवारों को दो बच्चों के बीच अंतर रखने की सलाह दी जाएगी

इसलिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें आशा कार्यकर्ता और एएनएम महिलाओं से मिलेंगी। दो बच्चों वाले परिवारों में नसबंदी और परिवार नियोजन के दूसरे साधन अपनाने की सलाह दी जाएगी। नसबंदी को लेकर प्रचलित भ्रांतियों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। ऐसे परिवारों को दो बच्चों के बीच अंतर रखने की सलाह दी जाएगी। साथ ही शिविर भी लगाए जाएंगे। 

- सेहत के साथ स्वच्छता जरूरी:

बैठक में परिवार नियोजन के साथ साथ गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के तौर पर  साफ- सफाई के साथ अपनी सेहत का पूरा ध्यान कैसे रखना है, उन्हें संतुलित आहार का भी उपयोग की जानकारी दी जाएगी  ताकि गर्भवती व गर्भस्थ शिशु पर कोई आंच न आए। इसके लिए समय-समय पर आशा कार्यकर्ता के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र पर बुलाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी करना है।

- समय- समय पर आवश्यक जाँच जरूरी:

डीडिसीएम नन्दन झा ने बताया कि परिवार नियोजन के साथ - साथ स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं की चिकित्सकीय जाँच यथा- बीपी, हीमोग्लोबिन, सुगर, वजन, आदि की जाँच एवं टीकाकरण के साथ आयरन,कैल्सियम की दवा के सेवन की जानकारी देनी जरूरी है| वहीं एचआईवी व कोविड-19 जांच भी जच्चा बच्चा को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है ।

 - महिलाओं को परिवार नियोजन की जानकारी होनी चाहिए:

ट्रेनिंग में केयर इंडिया के मनीष भारद्वाज द्वारा उत्प्रेरक का कार्य किया जा रहा है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने व मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से प्रसव पूर्व जांच के साथ जटिलता की पहचान होने से समय रहते उसका अच्छे से देखभाल किया जा सके इसकी पहचान जरूरी है । साथ ही महिलाओं व गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के साथ ही परिवार नियोजन के महत्वपूर्ण बिदुओं पर भी महिला नर्सिंग स्टाफ, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा खुलकर जानकारी दी जानी चाहिए । ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं व उनके घर के मुखिया से मिलकर सही उम्र में विवाह व बच्चे हो इसलिए भी जागरूकता फैलाई जानी चाहिए । ताकि लोग परिवार के प्रति समझदारी दिखा सकें ।

जांच के पश्चात सुरक्षित मातृत्व पत्रिका का वितरण-

मौके पर केयर प्रखंड प्रबंधक रजनीश पाण्डे द्वारा जानकारी दी गई कि  स्वास्थ्य केंद्रों पर  जांच के पश्चात सुरक्षित मातृत्व पत्रिका के वितरण के साथ परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के बारे में सभी महिलाओं को बताया जाता है। समय समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है।  जूम मीटिंग  में सिविल सर्जन डॉ अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, जिला डीटीएल अभय कुमार भगत,डीसीएम नन्दन झा, जिला अनुश्रवण पदाधिकारी विनय कुमार सिंह, अरविंद कुमार, मनीष भारद्वाज, अवधेश यादव उपस्थित थे  l

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