प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपस्थिति में 20 हफ्ते तक का गर्भपात ही कानूनन
प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपस्थिति में 20 हफ्ते तक का गर्भपात ही कानूनन
- अनचाहे गर्भ के निराकरण पर एसकेएमसीएच में हुई बैठक
- एसकेएमसीएच के एमसीएच विंग में है सुविधा
मुजफ्फरपुर। 30जुलाई
एसकेएमसीएच के एमसीएच भवन में शुक्रवार को विभागाध्यक्ष डॉ आभा सिन्हा की अध्यक्षता में आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मासिक डेटा पर चर्चा किया गया। चर्चा में डॉ आभा सिन्हा ने कहा कि इस अस्पताल में प्रथम एवं द्वितीय तिमाही के गर्भपात की व्यवस्था है। इस संबंध में सिविल सर्जन के द्वारा भी एक पत्र निर्गत किया गया था जिसमे निचले स्वास्थ्य संस्थानों से भी एसकेएमसीएच भेजने की व्यवस्था है। वहीं जो भी महिला अनचाहे रूप से गर्भवती हो गई है और उन्हें गर्भ समापन की सुविधा लेने में परेशानी हुई है जिसके कारण उनका गर्भ प्रथम से द्वितीय तिमाही का हो गया है इसीलिए उन्हें चिकित्सीय सलाह एवं परामर्श की आवश्यक है ताकि उनका सुरक्षित गर्भपात कराया जा सके , इसको लेकर सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है।
20 सप्ताह तक के गर्भ को कानूनी रूप से समाप्त करने की है इजाज़त
आइपास प्रतिनिधि शंकर दयाल सिंह ने बताया एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ़ प्रेगनेंसी) एक्ट-1971 में निहित कुछ शर्तों के आधार पर कोई भी महिला 20 सप्ताह तक के गर्भ को कानूनी रूप से गर्भपात करा सकती है। लेकिन एमपीटी एक्ट में कुछ शर्तों का जिक्र भी किया गया है। जिसका अनुपालन अनिवार्य रूप से करना जरूरी होता है। इसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज का होना भी नितांत आवश्यक होता हैं। लेकिन इस दौरान गर्भपात कराने वाली महिला का विशेष ध्यान रखना होगा ताकि उनका सुरक्षित रूप से गर्भपात हो सके। इसके लिए उनके परिजनों को खास ध्यान रखने की आवश्यकता है।
प्रशिक्षित चिकित्सकों की मौजूदगी में होता है गर्भपात
आइपास पटना के प्रतिनिधि श्याम कुमार राय ने यह भी बताया कानूनी रूप से सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क गर्भपात कराने की सुविधा उपलब्ध है। इस दौरान विशेष परिस्थिति होने पर एंबुलेंस की मदद से महिला मरीज को नि:शुल्क रूप से हायर सेंटर भेजने की सरकारी सुविधा भी उपलब्ध है। जिसका लाभ सभी को लेनी चाहिए। कानूनी तौर पर 20 सप्ताह तक गर्भ समापन कराना वैध माना जाता हैं। लेकिन 12 सप्ताह के अंदर एक प्रशिक्षित महिला रोग विशेषज्ञ एवं 12 सप्ताह से ऊपर तथा 20 सप्ताह के अंदर तक में 2 प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपस्थिति में सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में प्रशिक्षित चिकित्सकों की मौजूदगी में गर्भपात कराना चाहिए। इस दौरान माहवारी को लेकर विशेष रूप से सफाई के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। इस बैठक में आइपास के शंकर दयाल सिंह, एमसीएच विभागाध्यक्ष डॉ आभा सिन्हा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
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