फाइलेरिया मुक्त अभियान : आशा व पीसीआई टीम के द्वारा खिलाई जा रही है दवा

फाइलेरिया मुक्त अभियान : आशा व पीसीआई टीम के द्वारा खिलाई जा रही है दवा 

 

- मेहसी, कोटवा, पकड़ीदयाल के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को खिलाई जा रही है सर्वजन दवा

-20 सितंबर से जिले में चल रहा है फाइलेरिया मुक्त अभियान: संजीव कुमार

मोतिहारी, 23 सितम्बर। जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से 20 सितंबर से फाइलेरिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत  सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू किया गया है | 

पुर्वी चंपारण के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान बच्चों व अन्य लाभार्थियों को फाइलेरिया से बचाव को आशा कार्यकर्ताओं,पीसीआई टीम, केयर इंडिया, व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से फाइलेरिया से बचाव को विशेषकर  ग्रामीण क्षेत्रों में रथ द्वारा प्रचार प्रसार के साथ लोगों को आशा कार्यकर्ताओं के सामने दवा खिलाई जा रही है।

- फाइलेरिया बीमारी  के लक्षण :

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरद चन्द्र शर्मा ने बताया कि फाइलेरिया को हाथीपाँव रोग के नाम से भी जाना जाता है। जिसमें बुखार का आना, शरीर पर लाल धब्बे या दाग का होना एवं शरीर के अंगों में सूजन का आना फाइलेरिया के शुरुआती लक्ष्ण होते हैं। यह क्यूलेक्स नामक  मच्छर के काटने से फैलता है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लसिका (लिम्फैटिक) प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है| फाइलेरिया से जुडी विकलांगता जैसे लिंफोइडिमा( पैरों में सूजन) एवं हाइड्रोसील(अंडकोश की थैली में सूजन के कारण पीड़ित लोगों को इसके कारण आजीविका एवं काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।

उन्होंने बताया कि दवा के सेवन के उपरांत कुछ लोगों को अनुषंगी प्रभाव जैसे पेट दर्द, उल्टी बुखार, चक्कर इत्यादि होने की संभावना है, परंतु इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है| यह सामान्य लक्षण है| अगर किसी को किसी प्रकार की विशेष तकलीफ या दिक्कत होती है तो वैसे लोग जाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की सलाह से अपनी स्वास्थ्य जांच करा सकते हैं|

पीसीआई के प्रोजेक्ट मैनेजर (दिल्ली) संजीव कुमार ने कहा कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए सरकार द्वारा पूर्वी , पश्चिमी चंपारण जिले में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि फाइलेरिया से बचाव के  लिए दवा का प्रयोग करें , व जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाए। वहीँ पीसीआई के  एसएमसी मनोज कुमार ने बताया कि मोतिहारी अर्बन में सेविका दीदी के साथ वार्ड में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जा रही है । मनोज कुमार ने खुद वार्ड के कुछ-कुछ घरों में जाकर दवा खाने की बात पूछी? वहीं जो लोग खाने से मना कर रहे थे उन्हें फाइलेरिया रोग के विषय मे जानकारी दे समझा कर दवा का सेवन कराया गया । पीसीआई से आये एसपीएम अशोक लाल सोनी भी वार्ड में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाती हुई सेविका दीदी से जानकारी ली। साथ हीं साथ मेहसी गांव का भी भ्रमण किया। मनोज कुमार भी मौजूद रहे ।

मनोज कुमार ने बताया कि मेहसी, पकड़ीदयाल, कोटवा  ब्लॉक के कई वार्डो में पीएचसी कोटवा टीम संख्या 40, 41 द्वारा जागरूकता अभियान के दौरान घर घर जा कर सामने दवा खिलाई जा रही है । साथ ही निरीक्षण भी किया जा रहा है कि क्षेत्र के लोगों को दवा उपलब्ध हो पाई ? उन्होंने बताया कि सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में आम जनों को जागरूक करने को प्रचार प्रसार एवं मोबिलाइजेशन के कार्य में पीसीआई संस्था द्वारा सहयोग किया जा रहा है|

प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। बताया 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी।   

- जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ शरद चन्द्र शर्मा ने बताया ऐसे खानी है दवा : 

इस अभियान में डीईसी एवं  अलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं  अलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं  अलबेंडाजोल की एक गोली दी जा रही है। अलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है।

सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में पीसीआई के अधिकारी संजीव कुमार, एसएमसी मनोज कुमार , चन्दन कुमार, अशोक लाल सोनी, आशा कार्यकर्ता- सविता देवी, फूलमती देवी, सुपरवाइजर गायत्री देवी, सेविका समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए|

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