युवाओं के साथ रक्तदान कर देवाशीष ने पेश की मानवता की मिसाल
युवाओं के साथ रक्तदान कर देवाशीष ने पेश की मानवता की मिसाल
- जरूरतमंदों के लिए रक्तदान को हमेशा तत्पर है युवाओं की टीम
- रेडक्रॉस सोसायटी मोतिहारी में किया रक्तदान
मोतिहारी, 20 नवम्बर। "आओ बचाएं लोगों की जान, चलों करें हम रक्तदान" के नारों के साथ युवा समाजसेवी देवाशीष अग्रहरि ने युवाओं के साथ रक्तदान किया। जिले के वैसे लोग जो रक्त की कमी के कारण जीवन मौत से जूझते है उनके लिए रक्तदान कर देवाशीष ने मानवता की मिसाल पेश की है। मोतिहारी शहर के वार्ड नं 11 के निवासी देवाशीष ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई करते समय ही समाज के संकटग्रस्त लोगों, बीमारियों से पीड़ितों के सेवा करने की प्रेरणा अंदर से जगी। बस तभी से हमलोगों ने एक युवाओँ की टीम बनाई औऱ कोविड के समय मास्क, सेनेटाइजर, दवाओं के वितरण के साथ साथ अन्य मौकों पर भी सहयोग कर रहे। वहीं अब हमलोगों ने मोतिहारी में ही अपने मित्र दीपक श्रीवास्तव के साथ एक नई टीम बनाई है जो रक्त की कमी से जूझ रहे मरीजों की सेवा को रात दिन तैयार रहते हैं। युवाओं की लगन, सेवा भाव को देखकर स्थानीय लोग कहते हैं कि देवाशीष ने मानवता की मिसाल पेश की है । वह कम उम्र में भी सेवा का जज्बा रखते हैं।
रक्तदान का महत्व बताकर जागरूकता के साथ होता है रक्तदान:
रक्तदाता संगठन के प्रमुख सदस्य दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि फोन व सोशल मीडिया के माध्यम से हमलोगों को जानकारी मिल जाती है कि किसी जरूरतमंद को खून की आवश्यकता है, औऱ खून के अभाव में उस मरीज की जान जा सकती है, वैसी परिस्थितियों में हम सभी लोग रक्त दाता संगठनों से एवं रेडक्रॉस सोसाइटी मोतिहारी से सम्पर्क करते हैं,औऱ रेडक्रॉस में रक्तदान करते हैं। साथ ही रक्त देने की इच्छा रखने वाले युवाओं को भी रक्तदान का महत्व बताकर रक्तदान करवाते हैं।
रक्तदान से मिलती है खुशी:
देवाशीष अग्रहरि ने बताया कि रक्तदान करने से बेहद खुशी तब होती है जब हमसभी के रक्त द्वारा , विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों के जीवन रक्तदान द्वारा बचाए जाते हैं। क्योंकि दुनिया मे रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है।
स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है रक्तदान:
रेडक्रॉस सोसायटी मोतिहारी के प्रमुख सदस्य डॉ आशुतोष शरण ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए समय समय पर रक्तदान आवश्यक है । रक्तदान करने से शरीर मे साफ स्वच्छ रक्त का निर्माण होता है । रक्तदान करने से दिल, ब्लडप्रेशर, सहित कई बीमारियों का खतरा कम होता है । वहीं रक्तदान से आत्मिक आनंद की सुखद अनुभूति होती है, कि मेरे द्वारा दिये गए रक्त से किसी मानव का जीवन तो बचेगा। इस अवसर उन्होंने लोगों से कम से कम वर्ष में एकबार जरूर रक्तदान करने की अपील की ।
मुफ्त में लोगों को उपलब्ध होता है ब्लड:
मौके पर रेडक्रॉस के सहायक उपेंद्र बैठा ने बताया कि प्रशासनिक पदाधिकारियों व समाजसेवियों द्वारा समय समय पर यहां रक्तदान की जाती है। जिससे रक्त की कमी से जूझते लोगों की मदद की जाती है। रेडक्रॉस में मुफ्त में ब्लड दी जाती है। यहाँ से सर्वाधिक ब्लड थैलेसीमिया के मरीजों को उपलब्ध की जाती है, जो जिले के साथ अन्य क्षेत्रों के भी होते हैं।
18 से 60 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति कर सकते हैं रक्तदान:
18 से 60 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता हैं। रक्तदान के पूर्व रक्त दाता का वजन, पल्स रेट, ब्लड प्रेशर, बॉडी टेम्परेचर आदि चीजों के सामान्य पाए जाने पर ही डॉक्टर्स या ब्लड डोनेशन टीम द्वारा ब्लड लिया जाता है। पुरुष 3 महीने और महिलाएं 4 महीने के अंतराल में नियमित रक्तदान कर सकती हैं। यदि आप स्वस्थ हैं। आपको किसी प्रकार का बुखार या बीमारी नहीं हैं, तो ही आप रक्तदान कर सकते हैं।
Comments
Post a Comment