नशा मुक्ति दिवस: डीएम ने प्रभात फेरी व जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखा किया रवाना"

नशा मुक्ति दिवस: डीएम ने प्रभात फेरी व जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखा किया रवाना"

- प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों में व्यवहार परिवर्तन लाने की हो रही है कोशिश

- जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों व कर्मियों ने नशा नहीं करने की ली शपथ

- छात्र-छात्राओं ने शहर में घूम कर लोगों को नशा नहीं करने का दिया संदेश

मोतिहारी, 26 नवंबर। नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने प्रभात फेरी व जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभात फेरी नशा मुक्ति जन जागरूकता रैली गांधी संग्रहालय से शुरू हुई और मीना बाजार, ज्ञान बाबू चौक, जान पुल चौक होते हुए चरखा पार्क पर रैली समाप्त हुई। मौके पर जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि बच्चों के द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई है। इसका मूल उद्देश्य  शिक्षा व प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों में व्यवहार परिवर्तन लाने की कोशिश है। बच्चे शपथ ले रहे हैं। बच्चे अपने घर परिवार में जाकर सलाह देंगे कि हम सभी को नशे व शराब से दूर रहना है। स्कूली छात्र छात्र द्वारा प्रभात फेरी चरखा पार्क  से गोपाल शाह महाविद्यालय, मोतिहारी तक निकाली गयी। प्रभात फेरी के माध्यम से शहर भर में बच्चों द्वारा नशा मुक्ति के लिए जागरूकता फैलाई गई ।


जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों व कर्मियों ने नशा नहीं करने की ली शपथ :

सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि नशा मुक्ति दिवस के मौके पर जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों व कर्मियों द्वारा भी नशा नहीं करने की शपथ ली गई है। इनसे मुक्ति के लिए अभियान चलाकर स्कूल व कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा दिये गए निर्देश के आलोक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी सरकारी परिसर एवं स्वास्थ्य संस्थानों में तम्बाकू मुक्त परिसर का बोर्ड, होर्डिंग अथवा साइनेज लगाया गया है। 

तंबाकू के साथ नशा सेवन का दुष्प्रभाव युवाओं पर सर्वाधिक:

जिला स्वास्थ्य समिति में कार्यरत डीसीएम नंदन झा, व जिला सांख्यिकी पदाधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि नशा व तम्बाकू उत्पादों के सेवन से छात्र-छात्राओं, युवाओं को बचाने के लिए यह आवश्यक है कि समाज के सभी वर्गों के लोग अपने-अपने स्तर पर छात्र-छात्राओं को तम्बाकू उत्पादों के सेवन से बचने के लिए जागरूक करें। हमारे आने वाले पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।

तंबाकू का सेवन करके यत्र तत्र थूकने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही 6 माह की जेल भी हो सकती है । इधर-उधर थूकने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा है। किसी भी सरकारी या गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ, सिगरेट, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा आदि का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित है। 


शराब का जो हुआ शिकार, उजड़ा उसका घर परिवार । हम सबका है यही नारा, शराब मुक्त हो समाज हमारा । नशे को जो अपनाएगा, पूरे जीवन में पछताएगा ।

मद्य निषेध का नारा है, खुशहाल बिहार हमारा है ।   जिंदगी अमूल्य है,नशा पान ना कबूल है ।                  हम सबने यह ठाना है, बिहार को नशा मुक्त बनाना है । नशा मुक्त रहे बिहार, सुरक्षित रहे घर परिवार--- जैसे नारों के माध्यम से शहर भर में लोगों को नशा से मुक्ति के लिए जागरूकता फैलाई गई । मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के तत्वावधान में शिक्षा विभाग के द्वारा व्यापक पैमाने पर नशा मुक्ति के लिए जागरूकता  फैलाई गई । वहीं विद्यालय अवर निरीक्षक, मोतिहारी नगर एवं सभी प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक मध्य/माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालय मोतिहारी नगर एवं स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा शहर में घूम कर लोगों को नशा नहीं करने का संदेश दिया गया। बच्चों द्वारा जागरूकता रैली के दौरान कहा गया कि नशा का जो हुआ शिकार उसका उजड़ा घर परिवार एवं देश को बचाना है नशे को बंद करना है।

आदापुर में भी नशा मुक्ति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नशा नहीं करने की शपथ ली गई। इस मौके पर आदापुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजेश कुमार सहनी,वरीय  चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार गुप्ता , डॉक्टर सरफराज , प्रखंड मूल्यांकन अनुश्रवण सहायक रवि कुमार, प्रखंड प्रबंधक केयर इंडिया के श्री नारायण सिंह , शोएब रजा -लैब टेक्नीशियन कमरे आलम,  जीएनएम रिंकू कुमारी, ईभा, नूतन, रामदेव, विश्वजीत ,सनोज, श्याम किशोर सहित दर्जनों कर्मी उपस्थित थे।

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