मैनकाइंड अस्पताल के उचित प्रबंधन से गर्भस्थ शिशु व उसके माँ की बची जान

 मैनकाइंड अस्पताल के उचित प्रबंधन से गर्भस्थ शिशु व उसके माँ की बची  जान

- आंत में सूजन की समस्या की गंभीर अवस्था मे था नवजात

- अनुभवी चिकित्सकों व आधुनिक संसाधनों से युक्त है मैनकाइंड अस्पताल

- मैनकाइंड अस्पताल में हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समुचित इलाज व्यवस्था है उपलब्ध;

- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 तारीख को महिलाओं की निशुल्क जांच की सुविधाएं उपलब्ध है



ब्यूरो रिपोर्ट / पटना ;

पटना के मैनकाइंड अस्पताल में हाई रिस्क प्रेगनेंसी के साथ अब आधुनिक उपकरणों के साथ गर्भस्थ एवं नवजात शिशुओं के इलाज की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

यहाँ महिलाओं के साथ साथ परुषों के विभिन्न प्रकार के रोगों की इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है। अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी देते हुए बताया कि अशोकपुरी कॉलोनी , बिग बाजार खाजपुरा पटना के मैनकाइंड  हॉस्पिटल में हाल फिलहाल में एक प्रेग्नेंट महिला मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसे कई प्रकार की परेशानियां थी की जांच में यह पाया गया की गर्भस्थ शिशु किसी बीमारी से ग्रसित है । 

- आंत में सूजन की समस्या की गंभीर अवस्था मे था नवजात;

जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की आंत में सूजन है जब अल्ट्रासाउंड में रिपोर्ट आया तो वह गंभीर अवस्था मे था। इसके बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा टीम गठित कर उस महिला मरीज की डिलीवरी कराई गई वही बच्चे को एनआईसीयू में भर्ती कराया गया । 

- कुशल इलाज के कारण  मात्र 3 दिनों में ही मरीज का डिस्चार्ज ;

अस्पताल में जच्चा बच्चा का इलाज किया गया, जहां कुशल इलाज के कारण ऑपरेशन के मात्र 3 दिनों में ही मरीज का डिस्चार्ज कर दिया गया जहां मां एवं बच्चे दोनों स्वस्थ हैं।

-गर्भावस्था एक संवेदनशील अवस्था है, इसमे समुचित इलाज जरूरी है;

 अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि गर्भावस्था एक संवेदनशील अवस्था है जिसमें एक डॉक्टर को मां एवं बच्चे दोनों के जीवन को ध्यान में रखते हुए उसे बचाना होता है । उन्होंने बताया कि प्रेगनेंसी के पूर्व एवं प्रेगनेंसी के समय से अच्छे चिकित्सकों से इलाज कर आनी चाहिए समय-समय पर बीपी शुगर बच्चे की हार्ट बीट वजन थायराइड इत्यादि की जांच करानी चाहिए आयरन कैल्शियम एवं मल्टीविटामिंस की उचित मात्रा में सेवन करनी चाहिए एवं डाइट से संबंधित सलाह लेनी चाहिए।  उन्होंने बताया कि पूर्व में भी हॉस्पिटल में छपरा की एक महिला जो कि क्रिटिकल प्रेग्नेंसी से सम्बंधित समस्या से गुजर रही थी, उसे गर्भावस्था में थायराइ सूजन डायबिटीज एवं खून की कमी हो गई थी डॉक्टरी परामर्श के बाद महिला को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया,जिन्हें क्लिनिक के वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम द्वारा परामर्श के बाद महिला मरीज को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया, जिसके  कुशल इलाज के उसे स्वस्थ संतान की प्राप्ति हुई। 

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि गर्भावस्था प्राकृतिक अवस्था है परंतु इसमें कभी भी दिक्कतें आ सकती है जैसे खून की कमी होना, लीवर में सूजन आना, बीपी का बढ़ना, इसलिए आवश्यक है कि गर्भावस्था में सही समय पर जांच करवाएं-  मैनकाइंड अस्पताल में अब प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 तारीख को महिलाओं की निशुल्क जांच की सुविधाएं उपलब्ध है, यहाँ हर प्रकार की इलाज की बेहतर व्यवस्था कम खर्च में उपलब्ध है।

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