विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर निकली जागरूकता रैली
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर निकली जागरूकता रैली
- स्वास्थ्य कर्मियों ने विभिन्न इलाकों में घूम कर जागरूकता फैलाई
शिवहर, 31 मई।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर गैर-संचारी रोग ईकाई की ओर से जन जागरण के लिए जागरूकता रैली निकाली गई। सदर अस्पताल से सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र कुमार झा, एसीएमओ डॉ. त्रिलोकी शर्मा, जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुरेश राम ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली शहर के विभिन्न इलाकों से होकर पुन: सदर अस्पताल आ कर समाप्त हुई। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने विभिन्न इलाकों में घूम कर जागरूकता फैलाने का काम किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ शैलेंद्र कुमार झा ने कहा कि तंबाकू की बुरी लत को छुड़ाने के लिए सामाजिक स्तर पर पहल करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग के प्रयास के साथ समाज के हर तबके, सामजिक संगठन और जनप्रतिनिधि के साथ स्थानीय बुद्धिजीवियों के प्रयास से ही इन कुरीतियों पर शत प्रतिशत काबू पाया जा सकता है।
तंबाकू सेवन करना है जानलेवा:
जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुरेश राम ने कहा कि तम्बाकू सेवन करना जानलेवा है। तंबाकू सेवन करनेवाले लोग भयंकर बीमारी के शिकार हो जाते और उनका परिवार उजड़ जाता है। इस लत को रोकने का प्रयास सभी को करना चाहिए। कैंसर जैसी बीमारी भी तम्बाकू के सेवन से ही होती है। फेफड़ों की बीमारियां जैसे क्रोनिक ब्रोंकाइटिस व एम्फिसेमा होने की मुख्य वजह धूम्रपान है। क्रोनिक यानी लम्बे समय तक धूम्रपान करने से फेफड़े एवं सांस की नली के कैंसर होने की सम्भावना ज्यादा होती है। दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों में फेफड़े के कैंसर के मरीजों की संख्या ज्यादा है। जिसकी मुख्य वजह अत्यधिक धूम्रपान का करना ही होता है। खैनी, पुड़िया, जर्दा, पीला पत्ती आदि के सेवन से मुंह का कैंसर(ओरल कैंसर) की संभावना बनी रहती है। इन सभी तरह की रोगों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए धूम्रपान का खत्म होना ही सबसे जरूरी विकल्प है।
तंबाकू के कारण बिहार में हर साल बढ़ रहा 5844.63 टन प्लास्टिक अपशिष्ट कचरा :
सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा ने बताया कि तंबाकू उत्पाद पदार्थ सिर्फ हमारे स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है। सिगरेट, गुटका समेत तमाम तंबाकू खाद्य पदार्थ प्लास्टिक में पैक होते हैं, जिसे रिसाइकल नहीं किया जा सकता है। पर्यावरण पर हर रोज हजारों टन तंबाकू उत्पाद प्लास्टिक अपशिष्ट कचरा पर्यावरण पर बोझ बढ़ता जा रहा है। बिहार में हर साल सिगरेट से 35.02 टन, बीड़ी से 310.04 टन, धुआं रहित तंबाकू से 5492. 07 टन समेत अन्य तंबाकू से कुल 5844.63 टन प्लास्टिक अपशिष्ट कचरा का बोझ बढ़ रहा है। इस बार विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2022 का थीम भी 'तंबाकू हमारे पर्यावरण के लिए खतरा' रखा गया है।
Comments
Post a Comment