प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल पर बढ़ा भरोसा
प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल पर बढ़ा भरोसा
-सदर अस्पताल में जनवरी से मई तक गूंजी 3192 बच्चों की किलकारियां, मिल रही निजी अस्पताल की तरह सुविधा
सीतामढ़ी, 23 जून। जिले की महिलाएं सुरक्षित और संस्थागत प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल पर ज्यादा भरोसा जता रही हैं। जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल सैकड़ों बच्चों की किलकारी से गूंज रही है। हर रोज सैकड़ों की संख्या में महिलाएं प्रसव पूर्व जांच और प्रसव के लिए पहुंच रही हैं। खास बात ये है कि सदर अस्पताल में महिलाओं को वो सभी सुविधा मिल रही है, जो कि निजी अस्पताल में हजारों रुपए खर्च करने के बाद मिलती है। इस बदली तस्वीर के पीछे स्वास्थ्य विभाग के संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास और सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली तमाम सुविधाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संस्थागत प्रसव को अधिकाधिक बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर दिख रहा है।
अस्पताल में प्रसव संबंधी बेहतर सुविधा उपलब्ध-
अस्पताल प्रबंधक कमर अंजुम ने बताया कि यहां प्रशिक्षित और सक्षम स्वास्थ्य टीम के पर्यवेक्षण में महिलाओं का प्रसव होता है। प्रसव संबंधी देखरेख कुशल चिकित्सक व प्रशिक्षित स्टाफ करती हैं। इस दौरान माता व शिशु के जीवन को बचाने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। साथ ही निःशुल्क दवाइयों और उपकरणों की मौजूदगी, बच्चे की जटिलता पर तुरंत चिकित्सीय सुविधा, संक्रमण का खतरा न रहना, खून की कमी रहने पर खून की पूर्ति की समेत अन्य सभी सुविधाएं मौजूद रहती हैं। प्रसव के बाद बच्चे को सांस लेने दिक्कत या अन्य परेशानी होने की स्थिति में स्पेशल न्यू बोर्न केअर यूनिट (एसएनसीयू) में निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
प्रसव पूर्व जांच की पूरी सुविधा, निजी अस्पताल जैसा लेबर रूम
कमर अंजुम ने बताया कि सदर अस्पताल में प्रसव पूर्व जांच की पूरी सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में प्रसव पूर्व गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, ब्लड प्रेशर, वजन की जांच की जाती है। जन्म लिए बच्चों को तत्काल बीसीजी, हेपेटाइटिस और ओपीवी का टीका लगा दिया जाता है। साथ ही प्रसव के लिए आई महिलाओं को परिवार नियोजन के प्रति भी जागरूक किया जाता। यहां ओपीडी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर लेकर अन्य सभी सुविधाएं शहर के निजी अस्पताल को टक्कर देने वाली है।
जनवरी से मई तक सदर अस्पताल में गूंजी 3192 बच्चों की किलकारियां-
इस वर्ष जनवरी से मई तक सदर अस्पताल में 3192 बच्चों ने जन्म लिया। जनवरी में समान्य प्रसव से 637, जबकि ऑपरेशन से 76 बच्चों ने जन्म लिया। फरवरी में 633 सामान्य से और 62 ऑपरेशन से, मार्च में 643 सामान्य से और 76 ऑपरेशन से, अप्रैल में 487 सामान्य से और 56 ऑपरेशन से, जबकि मई में 473 महिलाओं के सामान्य प्रसव और 49 के ऑपरेशन हुए। इसके अलावा जिलेभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी हर दिन दर्जनों बच्चों की किलकारियां गूंजती है।कोरोना काल में सदर अस्पताल में सैकड़ों बच्चों ने जन्म लिया। सबसे बड़ी बात यह कि अधिकतर बच्चे सामान्य प्रसव से पैदा हुए हैं।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना लागू -
अस्पताल प्रबंधक कमर अंजुम ने बताया कि जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जननी सुरक्षा योजना चलाई जा रही है। जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी दोनों प्रकार की गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर आर्थिक मदद की जाती है। ग्रामीण इलाके की गर्भवती महिलाओं को 1400 रुपये एवं शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव के लिए गर्भवती को उनके घर से लाने एवं प्रसव के बाद अस्पताल से एम्बुलेंस द्वारा घर पहुंचाने की नि:शुल्क व्यवस्था है।
Comments
Post a Comment