संवर्धन कार्यक्रम से कुपोषित बच्चे होंगे सुपोषित

- संवर्धन कार्यक्रम के तहत जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर व्यापक पहल की जा रही

सीतामढ़ी। पोषण से मुक्ति के लिए जिले में संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापक पहल की जा रही है। इसके तहत गुरुवार को मेजरगंज ब्लॉक के रतनपुर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 46 पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कुपोषित बच्चों के लिए  पौष्टिक भोजन बनाने की विधि बताई गई एवं उसका प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा खानपान के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए समुदाय स्तर पर इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला  गया। 

पिरामल फाउंडेशन के दिव्यांक श्रीवास्तव ने बताया कि जिन कुपोषित बच्चों में चिकित्सीय जटिलता है, उसे समुदाय में घरेलू स्तर पर तैयार किये हुए खाद्य समूहों से सुपोषित किया जा सकता है। इसी के अंतर्गत केंद्रों पर माताओं को पौष्टिक आहार बनाने की जानकारी दी गई। जिसमें बालाहार, खिचड़ी, मीठा चीला एवं नमकीन चीला बनाने के बारे में बताया गया और बनवाया गया। संवर्धन कार्यक्रम कुपोषण मुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (समस्तीपुर) के डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि संवर्धन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय में कुपोषित बच्चों की पहचान करना, रोकथाम, प्रबंधन तथा बच्चों के भोजन को बेहतर करना है। साथ ही सामुदायिक देखभाल तथा कुपोषण के प्रबंधन को सशक्त करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से सम्बन्धित सूचकांकों में अपेक्षित सुधार के उद्येश्य से चलाए जाने वाले संवर्धन कार्यक्रम सीतामढ़ी जिले को कुपोषण मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कुपोषण के खिलाफ किया जा रहा जागरूक-

जिला सलाहकार सुनील कुमार ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ सामान्य तौर पर लोगों में कुपोषण के कारणों, पहचान तथा उसके दुष्परिणामों के संबंध में जानकारी कम होती है। संवर्धन कार्यक्रम के जरिए आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं को विषय आधारित प्रचार सामग्रियां भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि गृह भ्रमण आदि के दौरान इन सामाग्रियों के जरिए कुपोषण के संबंध में जागरूकता का प्रसार किया जा सके। इस अवसर पर केयर इंडिया की अनुकृति, महिला पर्यवेक्षिका सुनीता कुमारी आदि भी उपस्थित थीं।

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