हृदय रोग के प्रति रहें सचेत, छोटी उम्र में भी हो सकती है समस्या
-विश्व हृदय दिवस पर सदर अस्पताल में कार्यक्रम, निकाली गई जागरूकता रैली
सीतामढ़ी। हृदय शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसके प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। वर्तमान समय में कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक की समस्या सामने आने लगी है। इसलिये हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस का आयोजन किया जाता है। आज इस अवसर पर जिले में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सदर अस्पताल में गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिन्हा और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. एके झा के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्राएं, अस्पताल कर्मी, एआरटी कर्मी, एनसीडी के कर्मियों ने शिरकत की। उपस्थित लोगों के बीच हृदय स्वास्थ्य, हृदय रोगों के कारणों, स्वस्थ हृदय के लिये व्यायाम के प्रभाव और हृदय की देखभाल के बारे में जागरूक किया गया। इसमें नर्सिंग छात्राओं द्वारों रैली का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर गोविंद, भगवान, राजेश झा, मनोज कुमार, घनश्याम, दीपक, भारती देवी, रंजीत कुमार, सुलोचना सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
12 अक्टूबर तक नि:शुल्क जांच सह चिकित्सा पखवाड़ा आयोजित-
डॉ. सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि विश्व हृदय दिवस पर स्वास्थ्य विभाग 29 सितंबर से 12 अक्टूबर तक नि:शुल्क जांच सह चिकित्सा पखवाड़ा आयोजित कर रहा है। पखवारे के दौरान अस्पताल आने वाले सभी रोगियों के उच्च रक्तचाप व मधुमेह रोग की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। यदि किसी में हृदय रोग की आशंका दिखेगी तो उन्हें उपचार के लिए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर टेलीमेडिसिन द्वारा इस कारण होने वाले रोगों से बचाव की जानकारी या उपचार की सुविधा भी दी जाएगी। 30 वर्ष से अधिक उम्र के जिन लोगों को अभी खतरा नहीं होगा, उन्हें उच्च रक्तचाप व हृदयघात से बचाव के उपायों, सही खानपान व जीवनशैली में सुधार की जानकारी दी जाएगी।
कम उम्र के लोग भी हृदय रोग से ग्रसित-
डॉ. सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार है हमारी अव्यवस्थित दिनचर्या, तनाव, गलत खान-पान, पर्यावरण प्रदूषण आदि। जिनसे यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। अधिकांश मामलों में हृदय रोग का प्रमुख कारण तनाव ही होता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी हृदय रोगों को जन्म देती है। छोटी उम्र से लेकर बुजर्गों तक में हृदय से जुड़ी समस्याएं होना अब आम बात हो गई है। उन्होंने बताया दिल की बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। इसके लिए कोई निर्धारित उम्र नहीं होती। इसीलिए विश्व हृदय दिवस लोगों में यह भावना जागृत करता है कि वे हृदय की बीमारियों के प्रति सचेत रहें।
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