टीबी मरीजों को इलाज के प्रति जागरूक कर रहे हैं अरविंद
-टीबी के लक्षण पता चलने पर निजी के बजाय सरकारी अस्पताल में कराएं इलाज
- इलाज में देरी होने पर एमडीआर टीबी होने का रहता है खतरा
- यक्ष्मा केन्द्रों पर जांच से लेकर इलाज तक की है मुफ्त व्यवस्था
मोतिहारी : जिला यक्ष्मा केन्द्र पर आए टीबी मरीजों को इलाज के प्रति अरबिंद जागरूक कर रहे हैं। वे बताते हैं कि जिस व्यक्ति में टीबी रोग का लक्षण पता चले, वह तुरंत निजी अस्पताल के बजाय सरकारी अस्पताल में अपना इलाज कराएं। जिला यक्ष्मा केंद्र पर कार्यरत अरविंद ने बताया कि यक्ष्मा केन्द्रों पर टीबी मरीज़ों के इलाज में किसी भी तरह का कोई निजी खर्च वहन नहीं करना पड़ता है। दवा सहित अन्य जांच सरकारी स्तर पर किया जाता है। साथ ही उन्हें अच्छे पोषण हेतु सरकार द्वारा निक्षय योजना का लाभ भी मिलता है।
टीबी मरीज बीमारी ठीक होने तक लें दवा का पूरी डोज-
अरविंद ने बताया कि कोई भी टीबी मरीज जबतक वह पूरी तरह से ठीक न हो जाय, तब तक उन्हें टीबी की दवा खानी चाहिए। न कि बीच में ही दवा छोड़ देनी चाहिए। साथ ही उन्हें कब किस समय कैसे दवा का सेवन करना है। इस बारे में भी विस्तार से बताया। उनका कहना है कि टीबी की बीमारी में दवा बीच में छोड़े जाने पर बीमारी और बढ़ जाता है। वहीं एमडीआर टीबी होने का खतरा हो जाता है।
जांच में हुई वृृद्धि, तो लोग हुए जागरूक-
अरविंद ने बताया कि पहले लोग टीबी संक्रमित होते थे। लेकिन समय रहते जांच नहीं कराते थे। जिसके कारण उनका स्वास्थ्य और बिगड़ जाता था। काफी देरी के बाद वे सरकारी अस्पताल में दिखाने जाते थे। तब टीबी की पुष्टि होने पर इलाज करवाते थे। पर, अब सरकार के अथक प्रयासों का फल दिख रहा है। लोग जागरूक होकर खुद से 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक खांसी, बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते ही जांच करवाते हैं। उन्होंने बताया कि टीबी से संक्रमित होने पर मुफ्त दवा देने के साथ सरकार द्वारा निक्षय पोषण योजना उन लोगों के लिए शुरू की है। इस योजना के तहत टीबी मरीजों को सरकार हर महीने 500 रूपये की आर्थिक सहायता देती है।
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए जागरूकता फैलाना जरूरी-
अरविंद ने कहा कि वर्ष 2025 तक जिले को टीबी मुक्त करने के लिए पड़ोस के लोगों को टीबी के लक्षणों, इलाज के विषय में बताना चाहिए। उनका मानना है कि शिक्षित लोग भी टीबी के लक्षण और इसके बचाव के बारे में जागरूक करने लगें तो इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने में काफी मदद मिलेगी। वे कहते हैं टीबी एक आम बीमारी है जो किसी को भी हो सकता है। ऐसे में टीबी के मरीजों से भेदभाव नहीं करना चाहिए।
Comments
Post a Comment