जिले में नाइट ब्लड सर्वे के दौरान लक्ष्य से तीन प्रतिशत ज्यादा इकट्ठा किए गए सैंपल
-17 से 20 अक्टूबर तक चला नाइट ब्लड सर्वे अभियान
- कुल 10 हजार 492 रक्त के नमूने किए गए एकत्र
मुजफ्फरपुर। फाइलेरिया के प्रसार दर का सटीक अनुमान निकालने के लिए जिले में 17 से 20 अक्टूबर तक नाइट ब्लड सर्वे अभियान चलाया गया। इस दौरान पूरे जिले में लक्ष्य से तीन प्रतिशत ज्यादा लोगों का ब्लड सैंपल इकट्ठा किए गए। बता दें कि सोमवार को अभियान का उद्घाटन डीडीसी ने ब्रम्हपुरा से किया था। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने बताया कि जिले के सभी 17 प्रखंडों में नाइट ब्लड सर्वे कराया गया। जिसमें प्रत्येक प्रखंड में एक स्थायी सत्र और रैंडम जगहों पर लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। यह नमूने रात के आठ बजे से 12 बजे के बीच लिए गए। प्रत्येक प्रखंड में बनाए गए स्थायी तथा रैंडम सत्रों पर कुल 300 रक्त के नमूने इकट्ठा करने थे। इस प्रकार जिले में कुल लक्ष्य 10 हजार दो सौ था। लेकिन लक्ष्य से कहीं ज्यादा विभाग ने कुल 10 हजार 492 रक्त के नमूनों का संग्रह किया। स्थायी सत्रों पर कुल 5305 तथा रैंडम सत्रों पर 5187 रक्त के नमूने लिए गए। सभी नमूनों की जांच 24 घंटे के अंदर कर ली जाएगी।
फाइलेरिया मरीजों ने निभायी जिम्मेदारी-
मुशहरी और मीनापुर प्रखंड में फाइलेरिया रोगियों ने नाइट ब्लड सर्वे में लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया और उसमें वह सफल भी रहे। दो प्रखंडों में कुल 61 फाइलेरिया रोगियों ने लोगों को नाइट ब्लड सर्वे सत्र स्थल तक जांच के लिए लाया। जिससे यहां लक्ष्य से ज्यादा ही सैंपल इकट्ठे किए गए। सभी फाइलेरिया रोगी सीफार संस्था द्वारा गठित पीएसजी के मेंबर है जो लोगों के बीच फाइलेरिया पर जागरूकता फैलाते हैं। इन पीएसजी का नाम भी इनके मेंबर के नाम के आधार पर रखा गया है जिसमें गुलाब, कृष्णा, लक्ष्मी, राधा व सूरज प्रमुख हैं।
उत्सवी माहौल के बीच हुआ रक्त संग्रह-
डॉ सतीश कुमार ने बताया कि सभी एनबीएस के सत्रों को उत्सवी माहौल जैसा बनाया गया था। उन्हें बैलून और पंडालों से सुसज्जित किया गया था। जिसमें वहां के जनप्रतिनिधि, आशा, आंगनबाड़ी और जीविका दीदीयों का भरपूर सहयोग मिला। नवंबर के अंतिम या दिसंबर में आइडीए कार्यक्रम के होने की संभावना है।
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