आयोडीन युक्त नमक शरीर के लिए अतिआवश्यक : डॉ. सुनील

-सदर अस्पताल में ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव दिवस मनाया गया

सीतामढ़ी। सदर अस्पताल के प्रांगण में शुक्रवार को ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन सह गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में नर्सिंग स्कूल की छात्राएं, गैर संचारी रोग कोषांग के कर्मी, एआरटी सेंटर के कर्मी, इमरजेंसी विभाग के कर्मी और मरीजों के परिजन शामिल हुए। ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव दिवस के अवसर पर नर्सिंग छात्राओं ने प्रभात फेरी निकाली। प्रभात फेरी के जरिए लोगों को आयोडीन की महत्ता को बताया गया। इस अवसर पर डॉ सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि पूरे विश्व में 21 अक्टूबर को आयोडीन अल्पता बचाव दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य लोगों में जागरूकता पैदा करना है। साथ ही आयोडीन युक्त नमक के इस्तेमाल पर जोर देना भी है।

आहार का प्रमुख पोषक तत्व है आयोडीन-

डॉ. सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि 21 से 27 अक्टूबर तक ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव सप्ताह मनाया जाएगा। सरकारी कार्यालयों के बाहर आयोडीन की अल्पता से होने वाली बीमारियों की जानकारी होर्डिंग के माध्यम से दी जा रही है। डॉ. सिन्हा ने बताया कि आयोडीन शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है। इसकी कमी से हार्मोन का उत्पादन बंद हो सकता है। जिससे शरीर के सभी अंग अव्यवस्थित हो सकते हैं। गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बहरापन, बौनाकद, अविकसित मस्तिष्क और सीखने और समझने की क्षमता में कमी की समस्या भी होती है। 

शिशु के विकास में आयोडीन महत्वपूर्ण-

डॉ. सिन्हा ने बताया कि आयोडीन शिशु के दिमाग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महिलाओं में आयोडीन की कमी के कारण पैदा होने वाले बच्चे का शारीरिक विकास भी पूरा नहीं हो पाता। भ्रूण के समुचित विकास के लिए आयोडीन एक जरूरी पोषक तत्व है। यह शिशु के दिमाग के विकास में अहम भूमिका अदा करता है। शरीर के तापमान को नियंत्रित करने का काम भी आयोडीन करता है। हमें यह जानना जरूरी है कि अन्य विकारों के अलावा शरीर में आयोडीन की कमी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करती है। इस अवसर पर मनोज कुमार, नेहा कुमारी, भारती कुमारी, अनिल कुमार, घनश्याम व स्वीटी कुमारी आदि उपस्थित रही।

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