जिले में पीएचसी स्तर पर की गई टीबी मरीजों की खोज

-घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की हुई खोज आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगा जांच शिविर 

सीतामढ़ी। जिला को टीबी रोग से मुक्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। इस मुहिम को लेकर टीबी उन्मूलन की दिशा में समुदाय स्तर पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिले के सभी पीएचसी स्तर पर टीबी के रोगियों की खोज अभियान चलाया गया। इस दौरान घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की पहचान की गई। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सीएचओ एसटीएस एएनएम व आशा वर्कर लोगों से टीबी के लक्षणों की जानकारी प्राप्त किये और जांच के लिए बलगम के नमूने इकट्ठा किये। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि टीबी की बीमारी से जिला को मुक्त करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। इसके प्रति लोगों में जागरूकता आ रहा है। अब लक्षण नजर आने पर लोग सैंपल की जांच देने के लिए  स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि ईंट-भट्ठों, झुग्गी-झोपड़ियों, महादलित टोलों, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों आदि जगहों पर जांच शिविर लगाकर संभावित लोगों की जांच की गई। 

टीबी को जड़ से मिटाने के लिए आमजन का सहयोग जरूरी-

डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसलिए उन्होंने सभी से जांच शिविर में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि सीने में दर्द होनाए चक्कर आनाए दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या बुखार आनाए खांसी के साथ मुंह से खून आनाए भूख में कमीं और वजन कम होना आदि लक्षण अगर किसी में है तो टीबी की जांच करा सकते है। इससे हमें अपने लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि कैंप में जन सामान्य को माइकिंगए पंपलेट के माध्यम से भी टीबी से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।

जांच और इलाज की निरूशुल्क सुविधा उपलब्ध-

डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल से प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों की जांच और इलाज की निरूशुल्क सुविधा उपलब्ध है। दवा भी मुफ्त दी जाती है। स्वास्थ्य केंद्रों पर बलगम की जांच माइक्रोस्कोप एवं टूनेट सीबीनेट मशीन द्वारा निःशुल्क किया जाता है। मरीजों की जांच के उपरांत टीबी की पुष्टि होने पर पूरा इलाज उनके घर पर ही डॉट प्रोवाइडर के माध्यम से निःशुल्क किया जाता है। नए  रोगी चिन्हित होने पर उनके पारिवारिक सदस्यों को भी टीवी प्रीवेंटिव ट्रीटमेंट दिया जाता हैए ताकि परिवार के अन्य सदस्यों में यह बीमारी नहीं फैले। उन्होंने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। इसे जड़ से मिटाने के लिए हम सभी को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है।

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