फाइलेरिया मरीजों की राह हुई आसान, काम करने लगा फाइलेरिया क्लीनिक
- मंगलवार को एमएमडीपी किट का हुआ वितरण
- लगने लगी फाइलेरिया मरीजों की अलग ओपीडी
मुजफ्फरपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फाइलेरिया क्लीनिक खुलने से सामान्य ओपीडी से राहत मिली है। अब कम समय में ही फाइलेरिया रोगी वहां अपना उपचार व प्रबंधन कराकर लौट रहे हैं। मीनापुर व मुशहरी सहित अन्य प्रखंडों के फाइलेरिया क्लीनिक पर मंगलवार को फाइलेरिया मरीज पहुंचे जहां उनका उपचार कर फाइलेरिया रोग प्रबंधन की भी जानकारी दी गयी। मुशहरी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि फाइलेरिया क्लीनिक खुलने से फाइलेरिया रोगियों को सामान्य ओपीडी के चक्कर लगाने से राहत मिली है। क्लीनिक के खुलने से चिकित्सक भी रोगियों की तरफ ज्यादा ध्यान दे पा रहे हैं। फाइलेरिया के ऐसे मरीज जो स्टेज 5 पर पहुंच गए हैं उन्हें किट के माध्यम से रोग प्रबंधन की विधि भी बताई जा रही है।
एमएमडीपी किट का हुआ वितरण-
मुशहरी के फाइलेरिया इंचार्ज मोहित मृदुल ने बताया कि मुशहरी में करीब 16 लोगों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया है। इसमें 12 ऐसे लोग हैं जो फाइलेरिया पेशेंट सपोर्ट नेटवर्क मेंबर के सदस्य हैं और 4 आम फाइलेरिया मरीज है। किट के रूप में एक टब, मग, तौलिया, एंटीसेप्टिक, क्रीम दिया गया है। जिसके माध्यम से वह अपने फाइलेरिया ग्रस्त अंग को साफ कर सकेंगे। इससे रोग के प्रसार की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
निजी स्वच्छता पर जोर-
एमएमडीपी किट वितरण के समय फाइलेरिया मरीजों को किट को उपयोग करने की विधि को बताते हुए डॉ मुकेश ने कहा कि पांव को हमेशा ऊपर से नीचे की तरफ हल्के हाथों से धोना है। वहीं एक्यूट अटैक आने पर ठंडे पानी से फाइलेरिया ग्रस्त अंग को धोना है। किट प्राप्त करने वाले मरीजों को निजी स्वच्छता के बारे में भी विस्तार से बताया गया तथा उसे अपनाने पर भी जोर दिया गया।
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