*निःसंतान दंपत्तियों के लिए संतान प्राप्ति का बेहतर विकल्प है आईवीएफ- डॉ सोनाली*

 *निःसंतान दंपत्तियों के लिए संतान प्राप्ति का बेहतर विकल्प है आईवीएफ- डॉ सोनाली*

आईवीएफ स्पेस्लिस्ट - सोनाली गुप्ता


- बांझपन के लिए सिर्फ महिलाएं जिम्मेदार नहीं होती है

- आई वी एफ साइकिल के लिए सफलता दर 70 प्रतिशत तक है

मोतिहारी, 25 मार्च

गर्भधारण प्रक्रिया में स्त्री के अंडे और पुरुष के शुक्राणुओं की आवश्यकता होती है। यह दोनों मिलकर शिशु की संरचना करते हैं वहीँ जब शारिरिक कारणों से यदि स्त्री के अंडे, पुरुष के शुक्राणु या दोनों में ही कोई कठिनाइयां होती है तो उसे बाँझपन माना जाता है। इसमें गर्भधारण नहीं हो पाता है। ऐसे में बाँझपन के इलाज में आईवीएफ तकनीक निःसंतान दंपत्तियों के लिए संतान प्राप्ति का एक बेहतर विकल्प माना जाता है- ये कहना हैआईवीएफ विशेषज्ञ डॉ सोनाली गुप्ता का उन्होंने आईवीएफ पर वेबिनार के दौरान बताया कि आईवीएफ एक प्रजनन उपचार यानि फर्टिलिटी ट्रीटमेंट है इसके द्वारा बाँझ दम्पत्तियों का सफल उपचार किया जाता हैं। 

*आई वी एफ तकनीक क्या है* -

डॉ सोनाली गुप्ता ने बताया कि 

इस प्रक्रिया में महिला और पुरुष की जाँच की जाती हैं। उसके बाद 

पुरुष के सीमेन को लैब में साफ़ किया जाता है। फिर सक्रिय (अच्छे) और असक्रिय (बेकार) शुक्राणुओं को अलग किया जाता हैं।महिला के शरीर में से इंजेक्शन के ज़रिए अंडे को बाहर निकालकर फ्रीज किया जाता है।फिर लैब में पेट्री-डिश में अंडे के ऊपर सक्रिय शुक्राणु को रखा जाता है और प्राकृतिक रूप से प्रजनन के लिए छोड़ दिया जाता है।

प्रजनन के तीसरे दिन तक भ्रूण तैयार हो जाता है।

- *स्त्री बाँझपन क्या है;*

डॉ सोनाली गुप्ता ने बताया कि बांझपन के लिए सिर्फ़ महिलाएं ही जिम्मेदार नहीं होती है, पुरुषों के स्पर्म काउंट में कमी होना भी इसके लिए उत्तरदायी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि काफी महिलाओं में ओव्यूलेशन की समस्या होती है जिसकी वजह से वह अनियमित पीरियड्स, बहुत दर्दनाक पीरियड्स, पीरियड्स में अत्यंत रक्त बहना, या फिर पीरियड्स ना आना, ऐसी कठिनाइयों का सामना करती हैं। यह सब उनकी प्रजनन शक्ति को प्रभावित करती हैं। फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज या गर्भाशय में समस्या बाँझपन के सामान्य कारणों में से है। आई वी एफ प्रक्रिया में अधिक अंडों के विकास के लिए अंडाशय में इंजेक्शन लगाए जाते है। इससे उन दम्पत्तियों को आशा मिली है जो गर्भधारण नहीं कर पा रहे हैं। कुछ दम्पत्तियों को मामूली परेशानियों के कारण गर्भधारण करने में दिक्कत होती है जबकि कुछ को बड़ी दिक्कतों के कारणों की वजह से इस समस्या से जूझना पड़ता है। आई वी एफ के ज़रिये उन सभी दम्पातिओं का औलाद का सुख मिल सकता है।स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ सोनाली गुप्ता ने बताया कि आई वी एफ साइकिल के लिए 70 प्रतिशत तक सफलता प्राप्त होती है।

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