एमएमडीपी प्रशिक्षण संग चमकी पर पदाधिकारियों ने बांटी जानकारी

- दो पोषक क्षेत्रों की महिलाओं संग फाइलेरिया मरीजों ने लिया भाग 

- डॉ सतीश ने फाइलेरिया में सूजन पर व्यायाम की दी सलाह 

मुजफ्फरपुर। फाइलेरिया रोगियों को दिए गए एमएमडीपी किट का उपयोग और फाइलेरिया के व्यायाम की जानकारी देने जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार सोमवार को मीनापुर के फरहर गांव में थे। वे वहां रजनी एवम बागमती पेसेंट सपोर्ट ग्रुप के नेटवर्क मेंबर और समुदाय की महिलाओं को फाइलेरिया पर जागरूक करने के साथ फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी प्रशिक्षण के साथ उसकी उपयोगिता को बता रहे थे। फरहर गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र पर हुई इस सामुदायिक बैठक में करीब दो पोषण क्षेत्र के फाइलेरिया मरीज और समुदाय के साथ वहां की एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपनी महती भागीदारी दिखाई। डॉ सतीश ने बताया कि फाइलेरिया में जब सूजन ज्यादा हो जाता है तो नियमित रूप से उसके प्रबंधन की जरूरत होती है। जिससे रोगी को आराम पहुंचे। प्रशिक्षण के दौरान फाइलेरिया मरीजों को फाइलेरिया से बचाव एवं साफ-सफाई को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। फाइलेरिया से ग्रसित अंगो को विशेष रूप से सफाई के बारे में जागरूक किया। डॉ सतीश के सामने नंदना गांव की लक्ष्मी पेसेन्ट सपोर्ट ग्रुप की नेटवर्क मेंबर शांति देवी ने एमएमडीपी का डेमो करके बताया।

मीनापुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान  बताया कि फाइलेरिया संक्रमित होने पर व्यक्ति को हर महीने एक-एक सप्ताह तक तेज बुखार, पैरों में दर्द, जलन के साथ बेचैनी होने लगती है। एक्यूट अटैक के समय मरीज को अपना पैर साधारण पानी में डुबाकर रखना चाहिए या भीगे हुए धोती या सूती साड़ी को पैर में अच्छी तरह लपेटना चाहिए। इससे एक्यूट अटैक में काफी आराम पहुंचता है।

चमकी पर जागरूकता सभी की जिम्मेवारी:

 फाइलेरिया प्रशिक्षण के बाद डॉ सतीश ने एईएस यानी चमकी बुखार के बारे में सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जून तक का समय एईएस के लिए महत्वपूर्ण है। यह सभी की जिम्मेवारी है कि चमकी के लक्षणों मिर्गी आना, अचेत हो जाना, बहुत ज्यादा बुखार के दिखते ही नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं। वहां इसके लिए अलग से वार्ड और दवाएं हैं। सबसे बड़ी बात सरकारी अस्पताल के अलावे इसका और कहीं उपचार भी नहीं है। इसलिए अपने या आस पास के बच्चों को धूप में न खेलने दें वहीं रात में उन्हें खाना और खाने में मीठा जरूर खिलाएं। मौके पर जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार, मीनापुर एमओआइसी डॉ राकेश कुमार, केयर डीपीओ सोमनाथ ओझा, ब्लॉक प्रबंधक रौशन कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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