जिले के 30 फाइलेरिया पीड़ित मरीजों के बीच एमएमडीपी किट वितरित

- मरीजों को फाइलेरिया ग्रसित अंगों की सफाई रखने के प्रति जागरूक किया गया

- किट के उपयोग व दवाओं के सेवन से मिलता है आराम - प्रमिला देवी

मोतिहारी। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट का वितरण किया जा रहा है। वहीं इसके साथ ही मरीजों को फाइलेरिया ग्रसित अंगों की सफाई रखने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। ताकि वे फाइलेरिया ग्रसित अंगों का ठीक से साफ-सफाई कर सकें। पिरामल स्वास्थ्य के बीसी फिरोज खान ने बताया कि मंगलवार को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरहा पानापुर तेतरिया प्रखंड में 30 फाइलेरिया (हाथीपांव) से ग्रसित मरीजों के बीच एमएमडीपी किट वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि उस क्षेत्र में 110 से ज्यादा फाइलेरिया के रोगी हैं। जिनके हाथ-पैर में सूजन आ गया है या फिर उनके फाइलेरिया ग्रसित अंगों से पानी का रिसाव होता है। 

उन्हें समयानुसार किट देने के साथ फाइलेरिया ग्रसित अंगों की सफाई रखने के प्रति जागरूक किया जाता है। किट में प्रभावित अंगों की अच्छी तरह से साफ-सफाई हेतु टब, मग, तौलिया, साबुन, गरम पट्टी व जरूरी चीजें दी जा रही हैं।

किट के उपयोग व दवाओं के सेवन से मिलता है आराम: 

नरहा पानापुर तेतरिया की 65 वर्षीय प्रमिला देवी ने कहा की 13 वर्षो से उन्हें दायाँ पैर में फाइलेरिया है, इसके इलाज के लिए कई जगह डॉ को दिखाया पर यह ठीक नहीं हुआ। फाइलेरिया के कारण पैर में सूजन होता है, बुखार, दर्द, सूजन के कारण कहीं भी आना जाना मुश्किल होता है, सरकारी अस्पताल से मुझे किट मिला है जिसके उपयोग से एवं दवाओं के सेवन से काफ़ी आराम मिलता है।

सर्वजन दवा का सेवन कर फाइलेरिया रोग से बचा जा सकता है:

जिले के डीभीडीसीओ डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में एमडीए कार्यक्रम के तहत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका, सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से बच्चों,शिक्षको, आम लोगों को उम्र के अनुसार डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाती है। लगातार 5 वर्ष तक दवा सेवन करने से लोग फाइलेरिया रोग से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दवा का सेवन  करना बहुत जरूरी है, सर्वजन दवा का सेवन कर ही (हाथी पांव ) फाइलेरिया रोग से बचा जा सकता है। मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थें।

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