माइक्रोफाइलेरिया रेट 3.03, औराई को छोड़ सभी प्रखंडों में होगा सर्वजन दवा सेवन अभियान

-एमडीए/आइडीए के पूर्व तैयारियों पर जिला टीओटी का हुआ आयोजन

-जनप्रतिनिधि व अन्य विभागों से सहयोग लेने की अपील

मुजफ्फरपुर। नवंबर में हुए नाइट ब्लड सर्वे के अनुसार जिले का माइक्रोफाइलेरिया रेट 3.03 है। एक प्रतिशत से कम माइक्रोफाइलेरिया रेट के होने के कारण इस बार औराई में एमडीए/आइडीए अभियान नहीं चलेगा। वहीं एक प्रतिशत से अधिक माइक्रोफाइलेरिया रेट के होने के कारण 15 प्रखंडों और 4 शहरी यूपीएचसी क्षेत्र में एमडीए/आइडीए अभियान चलेगा। ये बातें मंगलवार को जिला ट्रेनिंग आफ ट्रेनर्स के प्रशिक्षण में जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार ने कही। प्रशिक्षण के दौरान डॉ सुधीर ने मेडिकल आफिसर, बीएचएम, बीसीएम, भीबीडीएस और सहयोगी संस्थाओं को निर्देश दिया कि प्रखंड को ट्रेनिंग मेटेरियल पहले ही मेल के द्वारा भेजा जा चुका है। प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण प्रोजेक्टर/आडियो और वीडियो माध्यम से प्रदर्शित कर प्रशिक्षित करें। जिस प्रखंड से एक्शन प्लान तथा माइक्रोप्लान नहीं आया है, यथाशीघ्र देना सुनिश्चित करेंगे ताकि आईसी मेटेरियल का उठाव समय पर हो पाए। इस वर्ष कराए गए नाइट ब्लड सर्वे में कन्हौली में सबसे ज्यादा माइक्रोफाइलेरिया रेट 13.18 रहा। 

डॉ सुधीर ने बताया कि 10 फरवरी से शुरू हो सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में इस वर्ष प्रथम 14 दिन आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर घर जाकर सभी योग्य लाभार्थियों (2 वर्ष से छोटे बच्चें, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) को दवा खिलाएंगे। इसके बाद तीन दिन विद्यालय में बूथ लगाकर सभी स्कूल के विद्यार्थियों को दवा खिलाई जायेगी। इसके अलावे सभी सरकारी अस्पतालों में भी बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी। इन जगहों के अलावे जेल, आवासीय विद्यालयों सहित वैसी जगहें जहां वृहत जन समूह एकत्र होते हों बूथ लगायी जाएगी। 

डीपीएम रेहान अशरफ ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की देखरेख में स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम एवं अन्य संबंधित अपने अपने प्रखंडों का एमडीए/ आइडीए पर्यवेक्षण कार्य करेंगे। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षुओं से सामाजिक जागरूकता पे चर्चा करते हुए जनप्रतिनिधि, स्कूल, जीविका समूह तथा समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जागरुक करने अपील की। इसका दैनिक पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण भी किया जायेगा तथा बीसीएम एवं एम एण्ड ई द्वारा  'सुकृतया' एप पर रिपोर्टिग भी किया जायेगा।

ट्रिपल ड्रग थेरेपी का रखा तकनीकी पक्ष:

प्रशिक्षण के दौरान डॉ माधुरी देवराजु ने जिले में होने वाले ट्रिपल ड्रग थेरेपी में शामिल दवा आइवर मेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल की खुराक और डोज पोल के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावे डॉ माधुरी ने दवा खाने से इंकार करने वाले रिफ्यूजल को कैसे ब्रेक किया जाय के बारे में बताया।  गर्भवती, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को दवा नहीं देनी है। 

मौके पर जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार, डीपीएम रेहान अशरफ, डब्ल्यूएचओ रीजनल कोओर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजु, सीफार डीसी नीतू कुमारी, पीरामल पीओ इफ्तेखार अहमद खान, भीबीडीसी राजीव रंजन, भीडीसीओ राकेश कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक, बिपिन कुमार, सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।










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