दवा खाने के बाद उल्टी या चक्कर आना समस्या नहीं, फाइलेरिया परजीवी के मरने का है एक शुभ संकेत
-खाली पेट न करें फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन
-आशा कार्यकर्ताओं को दिए जाएंगे इमरजेंसी ड्रग किट
मुजफ्फरपुर। अफवाह फैलते देर नहीं लगती। इन पर बिल्कुल ध्यान नहीं दें। एमडीए/आईडीए के तहत दी जाने वाली दवाएं बिल्कुल सुरक्षित हैं। इसे स्वस्थ और फाइलेरिया से ग्रसित सभी लोगों को खानी है। आशा कार्यकर्ता या ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर इसे आपके उम्र व लंबाई के अनुसार खिलाएगी। दवा खाने के बाद अगर किसी तरह की दिक्कत होती है, तो आशा के पास जरूरी दवाएं उपलब्ध है, उसमें बुखार, उल्टी, एंटी एलर्जी और ओआरएस घोल जैसी प्राथमिक दवाएं हैं। जिसे प्रतिकूल असर वाले कोई भी व्यक्ति मांग सकते हैं। इसके अलावे प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम भी बनी हुई है। ये बातें जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार ने गुरुवार को आइडीए के तहत लोगों को खिलाई जा रही ट्रिपल ड्रग थेरेपी की विश्वसनीयता पर कही। अभी तक लगभग 7 लाख 20 हजार लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है।
खाली पेट न करें दवा का सेवन:
डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि फाईलेरिया रोधी दवाएं गुणवत्ता एवं प्रभाव स्तर पर पूर्णतया सुरक्षित है। जिन बच्चों में दवा सेवन के बाद उल्टी, चक्कर एवं सिर दर्द जैसी शिकायत आयी है, उनके क्षेत्र में फाइलेरिया परजीवी का संक्रमण होने की पुष्टि होती है। इसे आसान शब्दों में समझें तो यह है कि दवा सेवन के बाद अगर किसी तरह की शारीरिक शिकायत होती है तो यह स्पष्ट होता है कि शरीर में पहले से फाइलेरिया के परजीवी मौजूद थे। दवा सेवन से परजीवी मरते हैं, जिसके कारण उल्टी, चक्कर या सिर दर्द जैसे छोटी-मोटी शिकायत हो सकती है। एक महत्वपूर्ण बात हमेशा याद रखें कि दवा का सेवन कभी भी खाली पेट नहीं करें।
किसी भी तरह की दिक्कत में जाएं नजदीकी सरकारी अस्पताल:
सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत अगर किसी भी तरह की दिक्कत होती है तो बेझिझक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। स्वास्थ्य विभाग आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हमेशा तत्पर है। गाँव से लेकर जिला स्तर पर स्वाथ्य कर्मी किसी भी तरह की समस्या से आपको बचाने के लिए तैयार हैं। आइये एक बार फ़िर एक जुट होकर दवा सेवन का संकल्प लें और फाइलेरिया को दूर भगाएं।
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