एल्बेण्डाजोल की गोली खिलाकर हुई राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत

- 24 लाख 92 हजार 908 बच्चों को दवा खिलाने का है लक्ष्य 

- खाली पेट दवा नहीं खिलाएं, हल्का साइड इफेक्ट हो तो घबराने की आवश्यकता नहीं- डीसीएम 

- छूटे हुए बच्चों के लिए 19 सितंबर को चलेगा मॉप-अप राउंड

बेतिया। जिले के सरकारी, प्राइवेट स्कुल एवं आँगनबाड़ी केन्द्रो में बच्चों को पेट के कृमि से बचाव हेतु एल्बेण्डाजोल की दवा खिलाई जा रही है ताकि बच्चे कृमि से सुरक्षित हो सके। जिले के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, एनसीडीओ डॉ मूर्तजा अंसारी एवं डीसीएम राजेश कुमार के देख रेख में बेतिया के बिपिन हाई स्कूल की छात्राओं को एल्बेण्डाजोल की दवा खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत की गईं। मौके पर डॉ रमेश चंद्रा ने कहा की कृमि से बचाव हेतु सरकार द्वारा

01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को अलग अलग डोज के अनुसार दवा का सेवन आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के देख रेख में कराया जाता है। वहीं जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीएम राजेश कुमार ने कहा की छूटे हुए बच्चों के लिए 19 सितंबर को पुनः मॉप-अप दिवस पर एल्बेण्डाजोल की दवा खिलाई जाएगी। आशा, एएनएम के सहयोग से जिले में 24 लाख 92 हजार 908 एल्बेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है।

खाली पेट दवा नहीं खिलाएं:

डीसीएम राजेश कुमार ने कहा की कृमि से बचाव हेतु दवा खिलाई जाती है परन्तु किसी किसी बच्चे में दवा खाने से हल्का- फुल्का साइड इफेक्ट होता है इससे घबराएं नहीं। जिला एवं प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीम की व्यवस्था की गईं है। हल्का साइड इफेक्ट का मतलब है कि आपके शरीर का कीड़ा समाप्त हो रहा है। उन्होंने सभी अभिभावकों से बच्चों को कृमि की दवा खिलवाने की अपील की। वहीं डीआईओ डॉ अवधेश सिंह ने कहा कि सबसे पहले इस बात का ध्यान रखना है कि बच्चा पूर्णतः स्वस्थ हो एवं खाली पेट न हो। 

मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रमेश चंद्रा, एनसीडीओ डॉ मूर्तजा अंसारी, डीसीएम राजेश कुमार, एनडीडी कोर्डिनेटर, शिक्षक व अन्य लोग उपस्थित थे।

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