कालाजार से बचाव पर विशेष जोर: हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर थाथन में स्वास्थ्य कर्मियों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

वैशाली। जिले के हाजीपुर प्रखंड स्थित थाथन बुजुर्ग पंचायत में एचडब्लूसी थाथन पर आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों ने स्थानीय निवासियों को जानलेवा कालाजार बीमारी के खतरों और उससे बचाव के उपायों के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया। इस हेल्थ कैंप का आयोजन रोगी हितधारक मंच (पीएसपी) के सदस्य वार्ड मेंबर अभिषेक कुमार के सहयोग से किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में एएनएम पुष्पा कुमारी और आशा कार्यकर्ताओं ने कुल 65 प्रतिभागियों को संबोधित किया।

एएनएम पुष्पा कुमारी ने बताया कि कालाजार एक गंभीर बीमारी है, जो बालू मक्खी के काटने से फैलती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को इस बीमारी के लक्षणों और इससे होने वाले जोखिमों के बारे में जानकारी दी।

बचाव के लिए साफ-सफाई सबसे जरूरी:

स्वास्थ्य कर्मियों ने इस बीमारी से सुरक्षित रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताया कि घर के अंदर और आस-पास साफ-सफाई रखना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने घरों के आसपास गंदगी और नमी जमा न होने दें। मच्छरों और बालू मक्खियों को पनपने से रोकें, क्योंकि यही इस बीमारी के प्रमुख वाहक होते हैं।

यह जागरूकता सत्र स्वास्थ्य जांच शिविर का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ समुदाय को कालाजार और फाइलेरिया जैसे गंभीर संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए जागरूक करना था।

कालाजार के लक्षण :

- लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना। 

- वजन में लगातार कमी होना।

- दुर्बलता।

- मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।

- व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।

- प्लीहा में नुकसान होता है।

कालाजार से बचाव:

-पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने।

-मच्छड़ रोधी क्रीम का प्रयोग करें।

-घरों के खिड़कियों और दरवाजों पे जाली का इस्तेमाल करें।

-सोते समय मच्छड़दानी का प्रयोग करें।

-आईआरएस चक्र के दौरान निर्धारित मापदंड के अनुसार कीटनाशक का छिड़काव करवाएं।

-आस-पास स्वच्छता रखें।

-कालाजार के लक्षण दिखने पर अविलंब नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें।

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