विभाग की कल्याणकारी योजनओं का लाभ अंतिम पायदान तक पहुंचे: मंत्री
- एससी-एसटी आयोग के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा
पटना। राज्य के बहुल टोलों में बिहार राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) आयोग के सदस्य क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे। इसके साथ ही संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी आमजन को जागरूक करेंगे। यह निर्देश बुधवार को एससी-एसटी मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। विशेष रूप से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत एससी-एसटी परिवारों के बच्चों के निजी विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभाग को समीक्षा करते हुए बाधाओं को दूर करने व पात्र बच्चों का नामांकन शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने कहा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आयोग द्वारा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तर पर भी समन्वय बैठकें आयोजित कर योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्रीय निरीक्षण की प्रतिवेदन रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई शीघ्र हो सके।
मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार एससी-एसटी समुदाय के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं आवास संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आयोग के सदस्यों से अपेक्षा किया कि वे संवेदनशीलता एवं सक्रियता के साथ कार्य करते हुए समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
बैठक में बिहार राज्य अनुसूचित जाति एवं बिहार राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष/सदस्य, विभागीय वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
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