जीविका दीदियों को टीबी-एचआईवी जागरूकता का प्रशिक्षण, 100 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

सीतामढ़ी: जिले में स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला यक्ष्मा केंद्र, सीतामढ़ी के सभागार में जीविका दीदियों के लिए टीबी एवं एचआईवी जागरूकता तथा सामाजिक सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सह जिला एड्स कंट्रोल पदाधिकारी डॉ. जेड जावेद की अध्यक्षता में दो अलग-अलग बैचों में संपन्न हुआ, जिसमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की लगभग 100 जीविका दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस दौरान प्रतिभागियों को टीबी (क्षय रोग) एवं एचआईवी/एड्स से संबंधित आवश्यक जानकारी, उनके लक्षण, बचाव के उपाय, समय पर जांच एवं उपचार के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को सरकारी सहायता प्राप्त हो सके।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. जेड जावेद ने कहा कि जीविका दीदियां समुदाय में बदलाव लाने की सशक्त कड़ी हैं। उन्होंने बताया कि यदि ये दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों में सही जानकारी पहुंचाएं, तो टीबी और एचआईवी जैसी बीमारियों की रोकथाम में काफी हद तक सफलता मिल सकती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे अपने गांव एवं मोहल्लों में लोगों को जागरूक करें और जरूरतमंदों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करें।

इस प्रशिक्षण में डीईओ सह लेखापाल रंजन शरण, डीपीसी रंजय कुमार, डीआईएस राजेश कुमार, एसटीएलएस संजीत कुमार, लैब टेक्नीशियन मोहम्मद शमीम आजाद एवं देवेंद्र प्रसाद सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी भाग लिया। सभी ने अपने-अपने विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की और प्रतिभागियों के सवालों का समाधान किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि किस प्रकार समुदाय में मिथकों और भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि समय पर इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है और एचआईवी के साथ भी सामान्य जीवन संभव है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जीविका दीदियों को स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में और अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया गया, ताकि वे अपने समुदाय में जागरूकता फैलाकर समाज को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

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