सीओपी-डी कार्यक्रम के तहत टीकाकरण जागरूकता संगोष्ठी एवं रैली का हुआ आयोजन

बेतिया। सीओपी-डी (कम्युनिटी ऑफ प्रैक्टिस फॉर डिमांड) कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के नियमित टीकाकरण एवं एमसीपी कार्ड के महत्व के प्रति समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत राज मझौवा, प्रखंड बगहा-1 में एक भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मुखिया श्री रुदल मुसहर ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायत के कमल प्लांट से हुआ, जहां माननीय मुखिया श्री रुदल मुसहर ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली कमल प्लांट से प्रारंभ होकर परसौनी चौक होते हुए राधेश्याम उच्च विद्यालय तक पहुंची, जहां इसका समापन किया गया। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने टीकाकरण से संबंधित जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को बच्चों के समय पर टीकाकरण और स्वस्थ भविष्य का संदेश दिया।

रैली के उपरांत आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुखिया श्री रुदल मुसहर ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का समय पर टीकाकरण कराना अभिभावकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी परिवारों से अपील की कि वे अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण अवश्य कराएं तथा मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड को सुरक्षित रखें, क्योंकि यह बच्चे के स्वास्थ्य एवं टीकाकरण का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सीओपी-डी कार्यक्रम की ओर से सभी लाभार्थियों के बीच एमसीपी कार्ड रखने हेतु विशेष झोलों का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य एमसीपी कार्ड को सुरक्षित रखना, उसके महत्व के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाना तथा अभिभावकों को कार्ड के नियमित उपयोग के लिए प्रेरित करना था।

इस अवसर पर पंचायत के सरपंच, वार्ड सदस्य, सभी आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएं, सीएम जीविका दीदियां तथा बड़ी संख्या में बच्चों के माता-पिता उपस्थित रहे। आईसीडीएस विभाग की ओर से संबंधित सुपरवाइजर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में सीओपी-डी के सीनियर मैनेजर श्री मनोज कुमार सिंह, जिला समन्वयक श्री उमेश तिवारी, प्रशिक्षक श्री कृष्ण मुरारी, श्री रामजीत वर्मा, श्री सूरज शुक्ला सहित अन्य टीम सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस जनजागरूकता रैली के माध्यम से समुदाय में बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, एमसीपी कार्ड के सुरक्षित रखरखाव तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि सामुदायिक सहयोग से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।

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