महिलाओं के मन से पुलिस का भय दूर करना जरूरी : कृष्णा कुमार

-बिहटा थाना परिसर में जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम पर जागरूकता कार्यक्रम

-पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों ने महिलाओं को किया जागरूक

पटना। महिलाओं एवं किशोरियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम को लेकर बुधवार को बिहटा थाना परिसर में “सहयोगी” संस्था द्वारा जागरूकता एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी अधिकार, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध तथा सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी साझा की गई। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस या कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम का शुभारंभ सहयोगी संस्था की प्रतिनिधि रजनी ने किया। उन्होंने कहा कि जेंडर आधारित भेदभाव की शुरुआत जन्म से पहले ही हो जाती है, जिसका असर लड़कियों के पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसरों पर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, दहेज, यौन हिंसा और भ्रूण हत्या जैसी घटनाएं सामाजिक सोच और पितृसत्तात्मक व्यवस्था का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और पुरुषों के अधिकार समान हैं और समाज में इस सोच को व्यवहार में उतारने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि थाना परिसर में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों के मन से पुलिस एवं थाना के प्रति भय और झिझक को समाप्त करना है, ताकि वे किसी भी समस्या की स्थिति में बिना संकोच पुलिस की मदद ले सकें।

मुख्य वक्ता पु०अ०नि० कृष्णा कुमार ने कहा कि समाज में समानता लाने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती हैं, तब वे दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ स्वयं उदाहरण बनती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की शादी के लिए संपत्ति बेचने के बजाय उनकी शिक्षा पर निवेश करें।

उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की मित्र है और हर व्यक्ति की सुरक्षा एवं सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी महिला को पुरुष पुलिस पदाधिकारी से अपनी बात कहने में असहजता महसूस होती है तो वह महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला पदाधिकारी से संपर्क कर सकती है।

बाल विवाह पर उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु में विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है। वहीं साइबर अपराधों पर उन्होंने कहा कि यदि किसी का वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाएं या ऑनलाइन ब्लैकमेल किया जाए तो घबराने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करें। किसी भी परिस्थिति में अपराधियों को पैसे देना समस्या का समाधान नहीं है।

महिला हेल्प डेस्क की आशा रानी ने महिलाओं को हेल्पलाइन 181 की जानकारी देते हुए कहा कि संकट की स्थिति में महिलाएं इस सेवा के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित आश्रय, कानूनी सहायता तथा अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने महिलाओं से चुप्पी तोड़ने और अपने अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, किशोरियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने घरेलू हिंसा, दहेज, बाल विवाह, साइबर अपराध तथा महिलाओं के कानूनी अधिकारों से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस पदाधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम में बिहटा थाना क्षेत्र के बेला एवं सादीसोपुर पंचायत की महिलाओं, किशोरियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। मौके पर पु०अ०नि० कृष्णा कुमार, महिला हेल्प डेस्क की आशा रानी, म०सि० रीना कुमारी, म०सि० पुष्पा कुमारी, BHG संतोष कुमार, बेला पंचायत की पंच संगीता कुमारी, वार्ड सदस्य सुनीता एवं संगीता तथा सहयोगी संस्था से रजनी, ऊषा, धर्मेंद्र, लाजवंती, प्रियंका, रूबी, शारदा, मनोज, इशिका, निर्मला और बिंदु सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Comments