राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का वैशाली जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ हुआ शुभारंभ
-जिला पदाधिकारी ने पोषण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के दिए निर्देश
वैशाली। राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ आज वैशाली जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ हुआ। जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वर्चुअल उद्घाटन समारोह में वेबकास्ट के माध्यम से सहभागिता की एवं दीप प्रज्ज्वलित कर जिले में इस कार्यक्रम शुभारंभ किया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने जिले में पोषण माह की गतिविधियों को प्रभावी, व्यापक एवं जनभागीदारी आधारित बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम से जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, जीविका से जुड़े समूहों, सभी प्रखंडों, नगर पंचायतों एवं नगर परिषदों में वेबकास्ट के माध्यम से पदाधिकारी, कर्मी, लाभार्थी एवं आमजन जुड़े।
इस व्यापक सहभागिता के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली का संदेश ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाया गया।
राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन 09 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इस दौरान जिले में पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि पोषण माह के तहत निर्धारित सभी गतिविधियों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा उनके परिवारों को पोषण के प्रति जागरूक करने और अभियान में अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के पोषण और आहार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उनके साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी उचित पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। मां का दूध शिशु के लिए अमृत के समान है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह एक माह तक चलने वाला अभियान है, लेकिन पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की गति पूरे वर्ष इसी प्रकार बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, जीविका सहित सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि पोषण अभियान का अधिकतम लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंच सके।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी द्वारा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के बीच पोषण पोटली का वितरण किया गया। साथ ही उन्होंने भारत के बच्चों, किशोरों एवं महिलाओं को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में कार्य करने की शपथ भी ली।
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