एनसीडी की रोकथाम को घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य जांच की सुविधा

-‘जाँच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत आशा-एएनएम कर रहीं स्क्रीनिंग

-सदर अस्पताल में विधायक व विधान पार्षद ने भी कराई बीपी-शुगर की जांच

सीतामढ़ी। गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की समय पर पहचान और उपचार को लोगों के घर के करीब पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल ‘जाँच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जिले में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान आशा और एएनएम घर-घर पहुंचकर लोगों की रक्तचाप, ब्लड शुगर, कैंसर समेत विभिन्न गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। इसका उद्देश्य बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान कर आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है।

इसी क्रम में सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधानसभा सचेतक सह परिहार विधायक गायत्री देवी एवं विधान पार्षद रेखा कुमारी ने भी अपना रक्तचाप और ब्लड शुगर जांच कराया। दोनों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में जांच कराने और कार्यक्रम का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर जांच से बीमारी की पहचान जल्द हो सकती है और आवश्यक उपचार समय रहते शुरू किया जा सकता है।

सिविल सर्जन डॉ. रविंद्र कुमार ने कहा कि गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। ‘जाँच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग लोगों के घर और समुदाय के करीब पहुंचकर स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि वे अभियान के दौरान अपनी जांच जरूर कराएं और स्क्रीनिंग में सहयोग करें, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो सके और जरूरत के अनुसार समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

2 सितंबर से सभी प्रखंडों में घर-घर जांच:

जिले में 2 सितंबर से सभी प्रखंडों में आशा एवं एएनएम द्वारा घर-घर जाकर रक्तचाप, ब्लड शुगर, कैंसर आदि की जांच की जा रही है। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत प्रतिदिन सदर अस्पताल में 300 लोगों और प्रत्येक सब सेंटर पर 50 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के तहत राज्य में करीब 6 करोड़ और जिले में 34 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है।

बीपी, मधुमेह और कैंसर की होगी स्क्रीनिंग:

अभियान के तहत प्रमुख रूप से उच्च रक्तचाप (बीपी), मधुमेह, ओरल कैंसर और स्तन कैंसर समेत अन्य प्रमुख गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, आगे की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

बीमारी गंभीर होने से पहले पहचान पर जोर:

‘जाँच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके घर एवं समुदाय के निकट ही एनसीडी की स्क्रीनिंग, प्रारंभिक पहचान, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

अभियान के दौरान लोगों की नियमित रूप से बीपी और ब्लड शुगर की जांच के साथ ओरल कैंसर एवं स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार अन्य एनसीडी संबंधी जांच भी कराई जाएगी। विशेष रूप से ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जिनमें गैर-संचारी रोगों के जोखिम कारक अथवा बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं।

स्क्रीनिंग में संदिग्ध पाए जाने वाले मरीजों को आगे की जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के लिए आवश्यकतानुसार संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा। इस पहल से एनसीडी को गंभीर अवस्था में पहुंचने से पहले ही पहचानने, समय पर उपचार शुरू करने और लोगों को उचित चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही समुदाय स्तर पर गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण की व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

Comments