एक अस्पताल, चार चिकित्सा पद्धतियां, मरीजों के लिए बढ़े इलाज के विकल्प
-सदर अस्पताल में एलोपैथी के साथ आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की सुविधा
-जरूरत और पसंद के अनुसार उपचार का विकल्प
मुजफ्फरपुर। इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के सामने अब सिर्फ एलोपैथिक चिकित्सा का ही विकल्प नहीं है। अस्पताल में आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध है। यानी एक ही सरकारी अस्पताल में चार अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार की सुविधा मरीजों को मिल रही है। इससे अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार चिकित्सा पद्धति चुनने वाले लोगों के लिए सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में विकल्प बढ़े हैं।
अपनी जरूरत के अनुसार इलाज का विकल्प:
हर मरीज की बीमारी, जरूरत और उपचार को लेकर पसंद एक जैसी नहीं होती। कुछ लोग एलोपैथिक उपचार को प्राथमिकता देते हैं, जबकि कई मरीज आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथी से इलाज लेना पसंद करते हैं। ऐसे मरीजों के लिए सदर अस्पताल में ही इन पद्धतियों की सुविधा उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है। उन्हें अपनी पसंद की चिकित्सा सुविधा के लिए अलग-अलग संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ता।
ओपीडी के दबाव को व्यवस्थित करने में मिल सकती है मदद:
सदर अस्पताल की ओपीडी में रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं और विकल्पों का विस्तार मरीजों के प्रवाह को अलग-अलग सेवाओं में व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है। आयुष चिकित्सा की सेवाओं का अधिक उपयोग होने पर मुख्य ओपीडी पर पड़ने वाले दबाव को भी भविष्य में कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका वास्तविक असर मरीजों की संख्या और ओपीडी के आंकड़ों से ही स्पष्ट होगा।
एक ही परिसर में अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियां:
इस व्यवस्था का फायदा उन मरीजों को भी मिल रहा है, जो अपनी बीमारी के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को प्राथमिकता देते हैं। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध होने से मरीजों के पास चिकित्सकीय सलाह के आधार पर उपचार का विकल्प मौजूद है। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवा के दायरे में आने वाली चिकित्सा सुविधाएं और व्यापक हुई हैं।
मरीजों तक पहुंचे हर उपलब्ध सुविधा की जानकारी:
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार, सदर अस्पताल में कोशिश है कि मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा सकें। एलोपैथिक चिकित्सा के साथ आयुष की विभिन्न पद्धतियों की सुविधा भी इसी दिशा में एक कदम है। मरीज चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपलब्ध सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
डीपीएम सलिम जावेद के अनुसार, अस्पताल में उपलब्ध आयुष सेवाओं के बारे में लोगों को जानकारी देना जरूरी है, ताकि जरूरतमंद मरीज इनका उपयोग कर सकें। एक ही परिसर में अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों की सुविधा होने से मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग जगह जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही, उपलब्ध सेवाओं का बेहतर उपयोग होने से अस्पताल में मरीजों के प्रवाह को भी व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य सेवा में बढ़ रहे विकल्प:
सदर अस्पताल में चार चिकित्सा पद्धतियों की उपलब्धता को मरीजों के लिए उपचार के विकल्प बढ़ाने वाली व्यवस्था के रूप में देखा जा सकता है। इसका उद्देश्य किसी एक पद्धति को दूसरी के मुकाबले रखना नहीं, बल्कि मरीजों को उपलब्ध विकल्पों तक पहुंच देना है। आने वाले समय में इन सेवाओं के प्रति जागरूकता और उपयोग बढ़ने पर यह व्यवस्था मरीजों की सुविधा के साथ अस्पताल की सेवाओं के बेहतर प्रबंधन में भी सहायक हो सकती है।
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